रानीगंज-ईसीएल के कुनुस्टोरिया एरिया अंतर्गत चलने वाली के बांसड़ा ग्राम स्थित कृषि जमीन पर ईसीएल के कोयला खदान का पानी लंबे समय से छोड़ने से फसल बर्बाद हो गई और कृषकों ने खेती करना ही बंद कर दिया. खेतिहर जमीन में पानी जमा होने के कारण बीते दिन अचानक जमीन धस गई , पानी और बढ़ने और गांव का प्राचीन भैरव मंदिर पानी में डूब गया, जिससे ग्रामीणों का धैर्य का बांध टूट गया . भैरव मंदिर के डूबने के विरोध में गांव के निवासियों ने मंगलवार से ईसीएल के बांसड़ा कोलियरी सी पीट में धरना दे रहे हैं. बुधवार को भी कुछ ग्रामीणो ने खदान के सामने भैरवनाथ की तस्वीर लगाकर खदान के सामने भैरवनाथ की पूजा शुरू कर दी, इसके साथ ही उनका विरोध प्रदर्शन भी चलता रहा. प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि ईसीएल अधिकारियों को उनकी सभी प्रभावित भूमि का तुरंत अधिग्रहण करना होगा, और सिर्फ आश्वासन से नहीं होगा,लिखित में वादा करने के उपरांत नुकसान झेलने वाले भूस्वामियों को पर्याप्त मुआवजा भी देना होगा. अपने इन मांगो के समर्थन में उन्होंने कोलियरी परिसर में विरोध प्रदर्शन किया,। हालांकि इस प्रदर्शन में कोई राजनीतिक बैनर नजर नहीं आया .ग्रामीणों ने सभी राजनीतिक दलों को दरकिनार करते हुए बाँसड़ा कोयला खदान क्षेत्र में अपने अधिकार के लिए आंदोलन शुरू कर दिया.बुधवार को भी उनके विरोध के दौरान भी जब ईसीएल अधिकारियों द्वारा कोई आश्वासन नहीं दिया गया , प्रदर्शनकारियों ने अपना आंदोलन जारी रखा .इसकी खबर पंजाबी मोड़ फाड़ि पुलिस को दी गयी, पुलिस पहुंच कर प्रदर्शकारियों को समझ बुझा कर स्थिति की सामान्य कराया. पुलिस।ने उन्हें इस समस्या का समाधान निकाला जाने का आश्वासन दिया ,तब जाकर धरना समाप्त हुई.



0 टिप्पणियाँ