आसनसोल : पंचायत चुनाव के पहले तृणमूल कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी को जोरदार झटका दिया है। भाजपा के 103 नंबर वार्ड के पार्षद तारक नाथ धीवर भाजपा से पाला बदलकर तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया है। शनिवार को राहा लेन स्थित तृणमूल कांग्रेस के कार्यालय में एक योगदान मेला का आयोजन किया गया था। जिसमें राज्य के कानून एवं श्रम मंत्री मलय घटक ने भाजपा पार्षद तारक नाथ धीवर को तृणमूल कांग्रेस का झंडा थमा कर टीएमसी में योगदान करवाया। इस मौके पर उपमेयर अभिजीत घटक, चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी, मेयर परिषद सदस्य गुरुदास चटर्जी, इंद्रानी मिश्रा, पार्षद राजेश तिवारी, रणवीर सिंह और जीतू, के साथ कई अन्य टीएमसी नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे। इस मौके पर मंत्री मलय घटक ने कहा कि 103 नंबर वार्ड से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में तारक नाथ धीवर ने चुनाव जीत कर पार्षद बना था। लेकिन आज वे भारतीय जनता पार्टी को छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में योगदान किए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा पार्षद हमारे सर्वोच्च नेत्री राज्य के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और हमारे नेता अभिषेक बनर्जी के ऊपर आस्था रखते हुए एवं सरकार के द्वारा की गई विकास कार्यों को देखकर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए हैं। अब वे तृणमूल कांग्रेस में रह कर जनता की सेवा करेंगे। मंत्री ने कहा कि आसनसोल नगर निगम चुनाव में 91 टीएमसी पार्षद चुनाव जीते थे। जिसके बाद कांग्रेस और भाजपा के एक-एक तथा निर्दलीय के दो पार्षद तृणमूल कांग्रेस का दामन थामा था। जिसके कारण आसनसोल नगर निगम में टीएमसी के 95 पार्षद हो गए थे। आज एक और भाजपा पार्षद के टीएमसी में आने से आसनसोल नगर निगम में तृणमूल कांग्रेस के पार्षदों की संख्या 96 हो गई। वहीं भाजपा छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में गए पार्षद तारक नाथ धीवर ने कहा कि जनता ने उन्हें काम कराने के लिए जीताई थी। लेकिन मैं भाजपा में रहकर जनता का काम नहीं कर पा रहा था। अब मैं तृणमूल कांग्रेस में आकर अपने वार्ड का विकास कार्य कर सकूंगा इधर भाजपा पार्षद के तृणमूल कांग्रेस में जाने के मुद्दे पर नगर निगम में विपक्ष नेता भाजपा पार्षद चेताली तिवारी ने ट्वीट कर पलटवार किया है कि जो लोग कोयला के पैसे से पार्षद को खरीद रहे हैं। वे लोग भली-भांति जानते हैं कि फरवरी 2023 के बाद नगर निगम पर तृणमूल कांग्रेस का कब्जा नहीं रहेगा। जबकि भाजपा नेता बप्पा चटर्जी ने कहा कि तारक नाथ धीवर पार्टी को ब्लैकमेलिंग कर रहे थे प्रत्येक महीने में 50000 ₹1 लाख मांग रहे थे। पार्टी देने में असमर्थ थी। क्योंकि पार्टी के पास कोयला,बालू तस्करी का पैसा नहीं है। जिनके पास पैसा है। वहां वे गए हैं।किसी के जाने आने से भाजपा के ऊपर कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है।









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