आसनसोल: पूर्व मेयर सह भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी एवं पूर्व चेयरमैन सह वर्तमान कांग्रेस पार्षद गुलाम सरवर प्रायः नगर निगम बोर्ड को किसी न किसी मुद्दे को लेकर कभी ज्ञापन तो कभी प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कभी भ्रष्टाचार तो कभी बोर्ड की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। लेकिन इस बार आसनसोल नगर निगम के 27 नंबर वार्ड के पूर्व पार्षद दीपक साव ने पूर्व मेयर जितेंद्र तिवारी और बोरो 3 के पूर्व चेयरमैन गुलाम सरवर पर सनसनीखेज आरोप लगाया है। उन्होंने इसकी शिकायत बुधवार को पत्र के माध्यम से आसनसोल नगर निगम के मेयर विधान उपाध्याय से भी की है। उन्होंने अपने पत्र में यह आरोप लगाया है कि 4 सितंबर 2019 से लेकर 2 अप्रैल 2022 तक बोरो 3 में कुछ मजदूरों का दोहरा वेतन भुगतान किया गया है। यह भी भ्रष्टाचार है। एक ही कर्मी को प्रत्येक महीना दो वेतन क्यों। इसकी जांच होनी चाहिए। इसके लिए जितेंद्र तिवारी और गुलाम सरवर जिम्मेवार हैं। क्योंकि ये लोग उस समय तत्कालीन मेयर और बोरो तीन के तत्कालीन चेयरमैन थे। इस संबंध में दीपक साव ने कहा कि उनके पास तथ्य है। सबूत है कि कुछ मजदूरों को 31 से 32 महीना दोहरा वेतन भुगतान किया गया। हमने मेयर विधान उपाध्याय और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक पत्र दिया है। तथ्य भी सौंपी है। हमारी मांग है कि इस भ्रष्टाचार की जांच होनी चाहिए। इसके लिए दोषी व्यक्तियों को सजा मिलनी चाहिए। वही इस आरोप को के ऊपर पलटवार करते हुए गुलाम सरवर ने कहा कि यह ओछी हरकत है। 3 दिन पहले मैंने सारी कागजात लेकर आंकड़ों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उसका यह प्रतिक्रिया है। जो व्यक्ति यह आरोप लगा रहे हैं। उस समय वे भी बोर्ड के सदस्य थे। उन्होंने उस समय यह आरोप क्यों नहीं लगाया। 7 साल बीतने के बाद अब उन्हें याद आ रही है। जो यह दर्शाता है कि यह सोची समझी साजिश के तहत यह आरोप लगाया गया है।उन्हें हमारे प्रेस कॉन्फ्रेंस के जवाब में इस्तेमाल किया गया है लेकिन उन्होंने जांच की मांग की है, तो हमें कोई परवाह नहीं है कि इसकी जांच सीएम एडीएम कोई भी करें लेकिन अवश्य करें। जांच के बाद सच्चाई उजागर हो जाएगी क्योंकि हमने ही दोहरे वेतन भुगतान करने का मुद्दा उठाया था।लेकिन जो व्यक्ति ने यह आरोप लगाया है। उनके जमीन दलाली या अन्य किसी मुद्दे को लेकर प्रेस वार्ता करें तब क्या होगा।जबकि विधान उपाध्याय ने कहा कि दीपक साव ने उन्हें एक पत्र दिया है। उन्होंने दोहरे वेतन भुगतान करने का आरोप लगाया है। वे इसका जांच कराएंगे। क्योंकि यह भी भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है। यदि इस आरोप में उनके तथ्य में सच्चाई पाई गई, तो दोषी व्यक्तियों पर वे कार्यवाही करेंगे।









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