रानीगंज-वामपंथी युवा संगठन डीवाईएफआई की प्रदेश अध्यक्षा मीनाक्षी मुखर्जी ने रानीगंज के सियारसोल में श्रमिक नेता किशोर घटक के स्मरण सभा में उपस्थित होकर कहा कि राज्य में करीब 14.5 लाख फर्जी जॉब कार्ड हैं. और उस जॉब कार्ड पर लिए गए पैसे का कोई अता पता नहीं है.राज्य सरकार इसका हिसाब नहीं दे सकी. सरकार को उस पैसे का हिसाब देना चाहिए. यह सरकार एक प्रोजेक्ट का पैसा दूसरे प्रोजेक्ट पर खर्च करती है. पश्चिम बंगाल भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है. .जिस प्रकार पंचायत क्षेत्रों में 100 दिन का कार्य होता है उसी प्रकार निगम क्षेत्रों में भी 100 दिन का कार्य होता है, लेकिन उस जानकारी को गुप्त रखा गया है .उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई इलाके में सफाई कार्य में लगे श्रमिकों के पास इसका कोई हिसाब नहीं है कि उनके सफाई कार्य के लिए किस सेक्टर से पैसा दिया जा रहा है . इसी तरह, कई बोरो क्षेत्रों में सफाई कर्मचारियों को सफाई कार्य के लिए नियुक्त किया गया है, लेकिन उन्हें कोई पहचान पत्र नहीं दिया गया है और कई श्रमिक मजदूरी पाने से भी वंचित हैं. इसको लेकर कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कुछ नहीं हुआ. .उनकी मांग है कि पंचायत क्षेत्र में 100 दिन के कार्य के बकाये का भुगतान करने की के साथ ही नगर निगम क्षेत्र में 100 दिन का कार्य तत्काल शुरू किया जाये. वह पंचायत क्षेत्र में 100 दिनों के काम के व्यापक भ्रष्टाचार को लेकर एक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे .
इस अवसर पर पूर्व विधायक रुनु दत्त,सुप्रियो रॉय,संजय प्रामाणिक आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे.









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