रानीगंज- सिखों के चौथे गुरु गुरु राम दास जी की जन्म जयंती को स्मरण कर सोमवार की सन्ध्या रानीगंज गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की तरफ से महीने की शुरुआत संग्रांद के अवसर पर गुरमत समागम का आयोजन हुआ. ज्ञानी रविंद्र सिंह ने गुरबाणी कीर्तन के माध्यम से संगतो को निहाल किया. इस अवसर पर मॉर्निंग वॉकर योगा ग्रुप के लोगों ने भी संग्राद के दीवान में अपनी हाजिरी भरी.इस अवसर पर समाजसेवी राजेन्द्र प्रसाद खैतान, सुरेश जयसवाल,के पी सिंह,ललित खैतान ,ओमप्रकाश बाजोरिया,आदि को सिरोपा प्रदान कर सम्मानित किया गया.
प्रबंधकीय कमेटी के अध्यक्ष सरदार बलजीत सिंह बग्गा ने गुरु राम दास एवं गुरु तेगबहादुर के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए आगामी दिसंबर माह में गुरु तेग बहादुर के शहीदी दिवस पर आयोजित होने वाले सारा दिन व्यापी कार्यक्रम में मॉर्निंग वॉकर योगा ग्रुप के सदस्यों से पूर्ण रूप से सहयोग के लिए आग्रह किया,जिसे मॉर्निंग वॉकर के सदस्यों ने ससम्मान इस आग्रह को स्वीकारते हुए हर सम्भव कार्यक्रम में शिरकत करने का वचन दिया. बलजीत सिंह ने गुरु के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए आगे कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर विश्व के इतिहास में धर्म एवं मानवीय मूल्यों आदर्शो एवं सिद्धांत की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने वाले में उनका स्थान अद्वितीय है.मात्र 14 वर्ष की आयु में अपने पिता के साथ मुगलो के हमले के खिलाफ हुए युद्ध में उन्होंने अपने वीरता का परिचय दिया,इस वीरता से प्रभावीत होकर उनका नाम तेग बहादुर अर्थात तलवार का धनी रख दिया.मुगलो के नापाक इरादों को नाकामयाब हो कर वह शहीद हो गये . उन्होंने कहा कि श्री गुरु रामदास साहेब जी का उच्चारण है कि जब गुरु की प्राप्ति हो जाए तो अहंकार मिट जाता है. जो मनुष्य प्रभु को सम्मुख जानकर जीवन जीता है उसके मन में परमात्मा का नाम बस जाता है.इस अवसर पर सिख सेवा सोसायटी के सदस्यों की अहम भूमिका रही. गुरु का लंगर का आयोजन हुआ.










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