जामुड़िया-लगभग आधे से अधिक शैक्षणिक वर्ष बीत चुका है ,लेकिन अभी भी कूछ छात्रों के पास कोई पाठ्यपुस्तक नहीं है, पढ़ना जारी रखने के लिए कोई शैक्षिक सामग्री नहीं है, यह सभी पढ़ने वाले आदिवासी छात्र हैं. इस स्थिति से गुजरकर नतीजतन कल्पना टुडू, पूजा किस्कु, ममता हंसदा जैसे विद्यार्थी सोच रहे हैं कि पढ़ाई का कोई फायदा नहीं, अब पढ़ाई छोड़ने का समय है. अंजलि मुर्मू, मल्लिका सोरेन, जैसे छात्र सोच रहे हैं कि पाठ्यपुस्तक न होने पर स्कूल जा कर क्या करें .इसकी खबर मिलते ही जामुड़िया अंचल के जोबा ग्राम के तिलका मांझी आदिवासी प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक और 'रोड मास्टर' दीप नारायण नायक ने सभी आदिवासी लड़कियों को पाठ्यपुस्तकें और आवश्यक शैक्षिक सामग्री उपलब्ध कराने की पहल की . उन्होंने प्रत्येक छात्रो से संपर्क किया और एक सूची तैयार किया किस छात्र को किस पाठ्यपुस्तक की आवश्यकता है. उन्होंने चुरूलिया से श्यामला परसिया अंचल के सैकड़ों आदिवासी लड़कियों के लिए ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के लिए पाठ्यपुस्तकों, पुस्तकों, नोटबुक और कलम सहित आवश्यक शैक्षिक सामग्री की व्यवस्था किया. दीपावली के अवसर पर उन्होंने उन आदिवासी विद्यार्थियों को दीपावली के उपहार के रूप में पाठ्यपुस्तकों सहित आवश्यक शैक्षिक सामग्री उन्होंने एक कार्यक्रम कर सौंपी. इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिक्षा विभाग के एमएमआईसी सुब्रत अधिकारी , विशिष्ट अतिथि के रूप में, प्रख्यात शिक्षाविद् एवं बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर महेंद्र प्रसाद समाजसेवी उद्योगपति अजय खेतान उपस्थित थे. इसके अलावा जामुड़िया एक चक्र के शाहजहां शेख, असीम माझी, देवी प्रसाद मुखर्जी, पिंटू लाइक आदि शिक्षक भी मौजूद थे. सुब्रत अधिकारी ने स्ट्रीट मास्टर की पहल की प्रशंसा की और सभी शिक्षकों से इस तरह की शैक्षिक गतिविधियों में शामिल होने का आग्रह किया. उन्होंने आश्वासन दिया कि वह यथासंभव सहयोग का हाथ बढ़ाएंगे . प्रधानाचार्य महेंद्र प्रसाद ने कहा कि जिस तरह से स्ट्रीट मास्टर आदिवासी समाज के लिए काम कर रहे है वह काबिले तारीफ है. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि स्कूल छोड़ने वालों को रोकने के लिए स्ट्रीट मास्टर की यह कार्रवाई काफी प्रभावी होगी .जाने-माने उद्योगपति अजय खेतान ने कहा कि आज वे खुद भी स्ट्रीट मास्टर की इस पहल में शामिल हुए हैं. स्ट्रीट मास्टर के नाम से जाने जाने वाले दीप नारायण नायक ने कहा कि महिलाओं की शिक्षा के प्रसार और स्कूल छोड़ने वालों को रोकने के उनके प्रयास भविष्य में लगातार जारी रखेंगे.


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