रांनीगंज-बिहार के सिवान जिले के कनकपुरा इलाके में 20 साल की एक युवती एक ऑर्केस्ट्रा ग्रुप में पूजा के दौरान पांच दिन के लिए अन्य दो युवती के सात डांस करने गईं थी.परन्तु यह युवती 28 दिनों तक फंसी रही . इस घटना के बाद युवती के मां ने बीते 20 अकटुबर को पु रानीगंज के पंजाबी मोड़ फांडी में शिकायत दर्ज कराई.पंजाबी मोड़ फांडी पुलिस के प्रभारी मानव घोष के निर्देश पर फांडी के अधिकारी कुंतल हलदर महिला पुलिस सहित 6 लोग बिहार गये .बिहार के सिवान जिले के कनकपुरा इलाके के ख़ामोरी में बंधक बनाये 20 वर्षीय युवती को छुड़ाकर रानीगंज ले आई.जिससे युवती के परिवार में खुशी देखी गयी. पुलिस सूत्रों के अनुसार रानीगंज के पंजाबी मोड़ 6-7 नंबर कालोनी निवासी 20 वर्षीय युवती गौराण्डी के रहने वाली अनुराधा दास एवं अन्य एक युवती के साथ बिहार के सिवान जिला के कनकपुरा में ऑर्केस्ट्रा समूह में पांच दिनों के लिए नृत्य करने को लेकर 20 हजार के करार के साथ गई थी. इस बीच इस ऑर्केस्ट्रा समूह में उन महिलाओं के साथ इन नर्तकियों को नृत्य करना था, लेकिन पूजा के पांच दिनों तक नृत्य करने के बाद भी उक्त युवती को रांनीगंज वापस लौटने नहीं दिया गया . उन्होंने रानीगंज के इस महिला को यह कहते हुए जबरन रोक लिया कि उसे नृत्य कार्यक्रम में नृत्य करना है .इस बीच युवती ने मोबाइल पर पांच दिन पूर्व अपनी मां को बताया कि उसे वहां बंधक बना लिया गया है,एवं उसे खाना पीना भी नहीं दिया जा रहा है. युवती की मां ने रानीगंज थाने के पंजाबी मोड़ चौकी में शिकायत दर्ज कराई, और पुलिस की एक विशेष टीम ने लड़की को बिहार के सीवान के कनकपुरा रोड के ख़ामोरी से शनिवार को उस वक्त छुड़ा कर लाई, जब वह एक कार्यक्रम में नृत्य कर रही थी. युवती ने अपने बयान में कहा कि उसे तब तक खाना नहीं दिया गया जब तक वह डांस नहीं करना चाहती थी. उसे लगातार पांच दिनों तक खाना नहीं दी .उसे नृत्य प्रदर्शन के लिए बीस हजार रुपये का भुगतान करना था, लेकिन उन्होंने इस नृत्य प्रदर्शन के लिए उन्हें एक भी रुपया नहीं दिया गया. उसने बताया।कि उसकी शादी हुई थी,पर बीते कुछ वर्ष पूर्व बीमारी से उसकी मृत्यु हो गई थी,उसका एक तीन वर्ष का पुत्र भी है.लड़की के परिवार वाले लड़की को इस तरह वापस पाकर बहुत खुश हैं . पुलिस की ततपरता से ही उक्त युवती अपने घर सकुशल लौट पाई.










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