आसनसोल सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी में आये और 2 गुरुद्वारों के नए सदस्य।
जामुड़िया-बृहस्पतिवार के दिन आसनसोल के निंघा गुरुद्वारा प्रांगण में पांचवे गुरु गुरु अर्जन साहेब जी के शहीदी को समर्पित अमृत संचार का कार्यक्रम किया गया , जहां पंच प्यारों ने 10 प्राणियों को खंडे बाटे एवं अमृत छका कर खालसा में प्रवेश करवाया अर्थात सिख धर्म में प्रवेश करवाया. आसनसोल सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के कार्यकारी प्रधान सुरजीत सिंह मक्कड़ ने कहा की गुरु अर्जन साहिब जी के शहीदी को समर्पित यहां पर खंडे बाटे का अमृत का आयोजन किया गया था, जिसमें 10 लोगों ने अमृत छका. कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अमृतसर का अथाह सहयोग है, एवं संस्था की तरफ से पंच प्यारों को सम्मानित किया है साथ में जो लोग गुरु वाले बने हैं उनको हमारी संस्था की तरफ से सर्टिफिकेट और गुरु घर का सिरोपा भी प्रदान किया गया. यहां पर रानीगंज गुरुद्वारा बाजार कमेटी के प्रधान बलजीत सिंह एवं पंजाबी मोड़ गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सचिव दारा सिंह ने सदस्यता के आसनसोल सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का सदस्यता लिए. इन सभी का स्वागत करते हैं आने वाले दिनों में इस इलाके में और भी अच्छे कार्यक्रम हो सबको साथ लेकर किया जाएगा. हमारी सस्था 10 सालो से लोगो की सेवा का कार्य करते आई है, ऑक्सीजन हो, मेडिसिन हो ,पढ़ाई की किताबे ,आंखों का ऑपरेशन, रक्तदान शिविर हो या फिर किसी की अन्य सहायता हो हमारी संस्था लगातार मदद करते आई है. आसनसोल सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चेयरमेन हरजीत सिंह बग्गा ने कहा आने वाली 5 तारीख को अंडाल गुरुद्वारा में महा ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन किया गया है. 28 नवंबर को सामूहिक आनंद कारज का कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया है. यहां पर सिख धर्म के जिन्हें आनंद कारज अर्थात शादी समारोह सामूहिक करवाना हो वह हमारी संस्था की तरफ से निशुल्क करवाया जाएगा, इसके लिए अपने नजदीकी गुरुद्वारों अथवा हमारे सदस्यों से संपर्क कर सकते हैं.निघा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान राजा सिंह ने बताया कि गुरु अर्जन साहिब जी के शहीदी को समर्पित 3 जून शुक्रवार के दिन बड़ी ही श्रद्धा धूमधाम से मनाया जाएगा. निंघा गुरुद्वारा प्रांगण में इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आसनसोल सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के तरफ से सुरजीत सिंह मक्कड़, हरजीत सिंह बग्गा ,हरदेव सिंह ,रंजीत सिंह, राजा सिंह, राकेश खनूजा, गुरनाम सिंह ,सनी सिंह ,बलवीर सिंह, दारा सिंह, गुरुद्वारा ग्रंथि सुरजीत सिंह मुख्य रूप से उपस्थित थे.

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