टीएमसी ने भाजपा को खामोश करने के लिए मैदान में उतारा बिहारी बाबू को



आसनसोल : चुनाव आयोग के द्वारा शनिवार को आसनसोल लोकसभा उप चुनाव की घोषणा के महज 24 घंटे बाद ही तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने आसनसोल लोकसभा केंद्र से तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी का नाम की घोषणा कर दी। तृणमूल कांग्रेस ने आसनसोल लोकसभा केंद्र में भाजपा को खामोश करने के लिए प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता सह पूर्व केंद्रीय मंत्री शत्रुघ्न सिन्हा उर्फ बिहारी बाबू को मैदान में उतारा है।गौरतलब है कि आसनसोल लोकसभा सीट को जीतने के लिए 2014 से तृणमूल कांग्रेस काफी जोर लगा रही है।इस सीट पर टीएमसी अपने हेविवेट नेताओं से लेकर अभिनेत्री तक को उतारा है। 2014 में तृणमूल कांग्रेस ने दोला सेन को अपना उम्मीदवार बनाया था।लेकिन वह भी भाजपा प्रत्याशी बाबुल सुप्रियो से हार गई थी।वहीं वर्ष 2019 में टीएमसी ने अभिनेत्री मुनमुन सेन को मैदान में उतारा था।लेकिन भाजपा प्रत्याशी ने उन्हें भी धूल चटा दी। अब तृणमूल कांग्रेस हिंदी भाषी मतदाताओं को साधने के लिए भाजपा छोड़कर कांग्रेस में गए फिर कांग्रेस से तृणमूल कांग्रेस में आए शत्रुघ्न सिन्हा उर्फ बिहारी बाबू पर अपना दांव खेला है। बॉलीवुड में शानदार पारी खेलने के बाद राजनीतिक में अच्छी पारी खेलने वाले शॉटगन शत्रुघ्न सिन्हा अटल बिहारी बाजपेई की सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं।लेकिन वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के पहले उन्होंने 28 वर्षों तक भाजपा में रहने के बाद कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। वर्ष 2019 में शत्रुघ्न सिन्हा ने बिहार के पटना साहिब लोकसभा केंद्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े।लेकिन भाजपा के रविशंकर प्रसाद ने उनके नाबाद पारी पर ब्रेक लगा दिया। यहीं से शत्रुघ्न सिन्हा की लोकप्रियता घटती चली गई। लेकिन उन्हें कांग्रेस भी रास नहीं आई। तो वर्ष 2021 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले शत्रुघ्न सिन्हा ने तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया। अब देखना है की तृणमूल कांग्रेस ने आसनसोल में भाजपा को खामोश करने के लिए शॉटगन शत्रुघ्न सिन्हा उर्फ बिहारी बाबू पर जो दांव खेला है। उस पर बिहारी बाबू कितना खड़ा उतरते हैं।जनता बिहारी बाबू पर कितना भरोसा जताती है।

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