जामुड़िया-चुरुलिया के नजरुल विद्यापीठ में "स्वदेश साहित्य पत्रिका" और "तबुटुकून" शिल्प साहित्य सहयोगिता की ओर से कविता पाठ का आयोजन किया गया. चुरुलिया के नजरुल विद्यापीठ को कवि तीर्थ स्थल के नाम से भी जाना जाता है. रविवार कविता पाठ में भाग लेने के लिए कोलकाता से दीपनीता, बोलपुर शांतिनिकेतन से पापिया गांगुली, दुर्गापुर से राजीव घाटी आसनसोल से सजल बॉस राय, रूपनारायणपुर से कल्याण भट्टाचार्य, बर्नपुर और बीरभूम से भी कई कविता प्रेमी भाग लेने के लिए पहुंचे हुए थे.कविता पाठ के शुरुआत से पहले नज़रुल और रविंद्र नाथ टैगोर की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धा अर्पित किया गया, इसके बाद प्रदीप जलाकर इसका शुभारंभ हुआ.उत्सव मौके पर संचालक काजी अख्तर ने कहा कि यहां कविता पाठ बड़े ही उत्साह के साथ किया जाता है, यह कार्यक्रम पहले 1 सप्ताह तक चलता था ,जिसमें दूर-दूर से कवि भाग लेने पहुंचते थे लेकिन कोरोना की वजह से अब इस उत्सव का रूप संक्षिप्त कर दिया गया है. मौके पर रियाजुल करीम शेख, जहरुदीन खलील शाहा, तारकनाथ मंडल मुख्य रूप से उपस्थित थे.

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