मालदा : मालदा के बाढ़ और नदी कटाव प्रभावित इलाकों का गुरुवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित लोगों से मुलाकात की और उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने बाढ़ और कटाव से पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के मालिकों को 1 लाख 80 हजार रुपये तथा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 90 हजार रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। कुल मिलाकर प्रभावित लोगों के लिए करीब 242 करोड़ रुपये के मुआवजे की घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 50 वर्षों से इस राज्य में शासन करने वालों ने मालदा की बाढ़ और कटाव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया। उन्होंने कहा, “पिछले विधायक और मंत्रियों ने लोगों के दुख-दर्द और परेशानी से उन्हें राहत दिलाने के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की। मैं पहले दिन से ही स्थिति पर नजर रख रहा हूं और लोगों के संपर्क में हूं।”
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर बुधवार शाम को ही पुलिस अधीक्षक समेत प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने सभा स्थल का निरीक्षण किया था। मुख्यमंत्री के सभा स्थल से मानिकचक कॉलेज जाने की भी बात कही गई है, जहां प्रशासनिक बैठक होने की संभावना है।
बताया गया कि भूतनी बांध टूटने के कारण करीब एक महीने से अधिक समय तक विस्तृत क्षेत्र जलमग्न रहा। भूतनी दियारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी लंबे समय तक पानी में डूबा रहा, जिसके कारण वहां स्वास्थ्य सेवाएं बंद करनी पड़ी थीं। हालांकि, आपदा के दौरान स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने विभिन्न इलाकों में पहुंचकर लोगों को चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराईं। मुख्यमंत्री के दौरे से पहले स्वास्थ्य केंद्र को फिर से शुरू कर दिया गया।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने प्रभावित लोगों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं—
- - मानिकचक, रतुआ और इंग्लिश बाजार के 24,595 प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा।
- - पूरी तरह क्षतिग्रस्त परिवारों को 1.80 लाख रुपये और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त परिवारों को 90 हजार रुपये दिए जाएंगे।
- - दुर्गापूजा से पहले प्रभावित परिवारों को नए कपड़े, मच्छरदानी समेत राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
- - 21 राहत शिविर और सामुदायिक रसोई शुरू की गई हैं।
- - प्रतिदिन करीब 8,100 लोगों के भोजन की व्यवस्था की जा रही है।
- - मुख्यमंत्री ने सिविल डिफेंस, पुलिस और आशा कर्मियों के संयुक्त प्रयासों की सराहना की।
स्थायी समाधान के लिए IIT कानपुर तैयार करेगा DPR
मालदा में बाढ़ और नदी कटाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए IIT कानपुर को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। जरूरत पड़ने पर NABARD और ADB से भी आर्थिक सहायता लेने की बात कही गई।
इसके अलावा मालदा और मुर्शिदाबाद के लिए केंद्र सरकार के समक्ष 3,300 करोड़ रुपये की सहायता का प्रस्ताव भेजे जाने की जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि महालय और षष्ठी से पहले मालदा में 1,248 किलोमीटर सड़क पर बने गड्ढों की मरम्मत कराई जाएगी, ताकि दुर्गापूजा के दौरान आम लोगों को आवागमन में परेशानी न हो।

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