रानीगंज- कोलकाता के तारातला स्थित निर्माणाधीन गोदाम ढहने की घटना में रानीगंज के निर्माण श्रमिक नवीन सिंह(40) की मौत हो गई. दुर्घटना के बाद करीब एक दिन तक परिजन अस्पताल और हादसा स्थल के बीच भटकते रहे.आखिरकार एसएसकेएम अस्पताल के शवगृह में नवीन के दाहिने हाथ पर बने टैटू से उसकी पहचान हो सकी. शव की पहचान होते ही पत्नी नेहा देवी और परिजन फूट-फूटकर रो पड़े,।
रानीगंज के लायकबाजार, लायक बांध निवासी नवीन सिंह बुधवार को हुए हादसे के बाद लापता हो गए थे. सूचना मिलते ही उनकी पत्नी नेहा देवी, बड़ा बेटा प्रिंस और भांजी सिमरन कोलकाता पहुंचे.परिजनों ने पूरी रात अस्पताल और दुर्घटनास्थल पर नवीन की तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली.गुरुवार दोपहर अस्पताल लाए गए एक क्षत-विक्षत शव के हाथ पर बने टैटू को देखकर सिमरन ने अपने मामा की पहचान की.
नवीन की पत्नी नेहा देवी ने आरोप लगाया कि यह हादसा केवल दुर्घटना नहीं, बल्कि गंभीर लापरवाही का परिणाम है. उनका कहना है कि फैक्ट्री प्रबंधन ने कमजोर ढांचे और नरम जमीन की जानकारी होने के बावजूद वहां निर्माण कार्य जारी रखा गया. उन्होंने बताया कि नवीन अक्सर काम की खतरनाक परिस्थितियों का जिक्र करते थे और उन्होंने कई बार उन्हें नौकरी छोड़ने की सलाह भी दी थी.
नेहा देवी ने कहा कि नवीन ही परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे.अब वृद्ध ससुर और तीन नाबालिग बच्चों की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई है.उन्होंने सरकार से आर्थिक सहायता और रोजगार देने की मांग की ताकि परिवार का पालन-पोषण हो सके.
गुरुवार रात शव रानीगंज लाया गया और शुक्रवार सुबह दामोदर नदी किनारे अंतिम संस्कार किया गया. परिजनों ने बताया कि अंतिम संस्कार के लिए उन्हें स्थानीय प्रशासन से दो हजार रुपये की सहायता मिली है. राज्य सरकार द्वारा मृतकों के परिजनों को मुआवजा और घायलों की सहायता की घोषणा की गई है, जिसके जल्द लागू होने की उम्मीद परिवार जता रहा है.


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