जनसभा में भाजपा पर तीखे हमले, मुख्यमंत्री और पुलिस प्रशासन को लेकर भी की विवादित टिप्पणी
मुर्शिदाबाद: नौदा से आम जनता विकास पार्टी के विधायक हुमायूं कबीर एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर राजनीतिक विवादों के केंद्र में आ गए हैं। शुक्रवार शाम मुर्शिदाबाद के रेजिनगर थाना क्षेत्र के काशीपुर में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने भाजपा के खिलाफ तीखी टिप्पणी की। उनके बयान के बाद राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।
सभा के दौरान विधायक हुमायूं कबीर ने भाजपा के जिला अध्यक्ष का नाम लिए बिना उन्हें "गायब" कर देने जैसी बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी कार्रवाई की जाएगी कि इलाके में भाजपा का झंडा उठाने वाला कोई नहीं बचेगा। उनके इस बयान को लेकर विपक्षी दलों ने कड़ी आपत्ति जताई है।
हुमायूं कबीर ने अपने भाषण में भरतपुर से भाजपा की पूर्व प्रत्याशी अनामिका घोष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बावजूद वह स्वयं को विधायक समझ रही हैं।
अपने संबोधन के दौरान विधायक ने पुलिस-प्रशासन और मुख्यमंत्री का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यदि उन्हें अत्यधिक गुस्सा आ गया तो वह यह नहीं देखेंगे कि कौन मुख्यमंत्री है और कौन पुलिस अधीक्षक (एसपी)। उन्होंने वर्ष 2024 की एक घटना का हवाला देते हुए दावा किया कि उस समय पुलिस को उनके सामने झुकना पड़ा था।
विधायक के इस बयान के बाद विपक्षी दलों ने इसकी कड़ी आलोचना करते हुए राज्य सरकार से कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि इस तरह के बयान राजनीतिक हिंसा और तनाव को बढ़ावा दे सकते हैं।
फिलहाल इस मामले में प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, हुमायूं कबीर के बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है।

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