रानीगंज: रानीगंज के गिरजा पाड़ा लायक बांध,महावीरगंज स्थित बर्न्स स्टैंडर्ड कंपनी की जमीन पर बनी बस्तियों को खाली कराने के लिए रेलवे द्वारा जारी नोटिस के विरोध में शनिवार को सीटू की और पश्चिम बंगाल बस्ती विकास समिति के नेतृत्व में बस्तीवासियों ने जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने रानीगंज रेलवे स्टेशन के सामने धरना देकर स्टेशन मास्टर को ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि बुलडोजर चलाकर बस्तियां हटाने की कोशिश की गई तो इसका कड़ा विरोध किया जाएगा.
संगठनों का आरोप है कि रेलवे बर्न्स की जमीन को अपनी संपत्ति बताकर वहां वर्षों से रह रहे गरीब परिवारों को बेदखल करना चाहता है. जबकि उनका दावा है कि यह जमीन रेलवे की नहीं, बल्कि राज्य सरकार के अधीन है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 30 जून और 5 जुलाई को बुलडोजर चलाने की तैयारी की जा रही है, जिसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा.
सभा को पश्चिम बंगाल बस्ती विकास समिति के जिला सचिव संजय प्रमाणिक, श्रमिक नेता सुप्रियो राय, हेमंत प्रभाकर, उमापद गोप, अशोक घोष, बस्ती नेता आनंद बाउरी तथा युवा नेता गौरव धल्लो ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन रामकृष्ण चटर्जी ने किया.
सभा के बाद नौ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने स्टेशन मास्टर को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि बेदखली का नोटिस तत्काल वापस लिया जाए और मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) के साथ शीघ्र बैठक आयोजित की जाए.उन्होंने यह भी कहा कि बार-बार नोटिस जारी कर गरीब लोगों का जीवन अस्थिर नहीं किया जाना चाहिए.
प्रदर्शनकारियों ने पांच प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें बेदखली नोटिस वापस लेना, बर्न्स की जमीन को रेलवे की संपत्ति न बताना, बस्तीवासियों के स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था, बंद पड़े बर्न्स कारखाने को पुनः चालू कर रोजगार उपलब्ध कराना तथा श्रमिकों के बकाया का भुगतान शामिल है.
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी कर बस्ती हटाने का प्रयास किया गया तो वे व्यापक आंदोलन छेड़ेंगे और बुलडोजर के सामने डटकर विरोध करेंगे. प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा.

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