रानीगंज- अशोक पल्ली फ्री प्राइमरी स्कूल में शुक्रवार को उस वक्त मानवता तार-तार हो गई, जब एक शिक्षक पर तीसरी कक्षा की मासूम छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न और बदसलूकी करने का गंभीर आरोप लगा.इस घटना के सामने आते ही पूरे इलाके में भारी तनाव फैल गया और आक्रोशित अभिभावकों ने स्कूल परिसर में जमकर हंगामा किया.
शिक्षक की शर्मनाक करतूत, भड़का जन-आक्रोश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्कूल के ही शिक्षक प्रशांतो खां पर मासूम बच्ची के साथ अभद्र व्यवहार और उत्पीड़न का आरोप है . जैसे ही पीड़ित बच्ची ने अपने परिजनों को इस घटना की जानकारी दी, यह खबर जंगल में आग की तरह पूरे अशोक पल्ली इलाके में फैल गई. स्थानीय निवासी और सैकड़ों की संख्या में अभिभावक स्कूल पहुंच गए और आरोपी शिक्षक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उसका घेराव कर लिया. उत्तेजित भीड़ आरोपी को अपने हवाले करने और उसे मौके पर ही कड़ी सजा देने की मांग कर रही थी.
पुलिस की कार्रवाई और आरोपी हिरासत में
स्थिति को बेकाबू होते देख रानीगंज थाना पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची. आक्रोशित भीड़ आरोपी शिक्षक पर हमले की कोशिश कर रही थी, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए भीड़ के बीच से प्रशांतो खां को सुरक्षित निकाल कर हिरासत में ले लिया. पुलिस आरोपी को थाने ले गई है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है.
'समाज के लिए कलंक है ऐसा आचरण'
स्कूल के टीचर-इन-चार्ज देवब्रत रूज ने इस घटना पर गहरा दुख और कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आज स्कूल परिसर के भीतर जो कुछ भी हुआ है, वह अत्यंत निंदनीय और अक्षम्य है.एक शिक्षक का ऐसा आचरण पूरे समाज और शिक्षा जगत के लिए कलंक है.हमने प्रशासन से मांग की है कि इस 'भेड़िये' को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में कोई भी बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके.
सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि अगर बच्चे 'शिक्षा के मंदिर' में भी सुरक्षित नहीं हैं, तो उन्हें कहां भेजा जाए? इस घटना से इलाके में तनाव बना हुआ है, जिसे देखते हुए स्कूल के आसपास पुलिस तैनात कर दी गई है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोक्सो एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया की जा रही है.




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