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| जिलाशाश्क तथा पुलिस कमिश्नर केंद्रीय बलों के साथ फ्लैग मार्च करते हुए |
जामुड़िया/रानीगंज-आगामी चुनावों के मद्देनजर पश्चिम बर्धमान जिला प्रशासन और पुलिस कमिश्नरेट ने कमर कस ली है. चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में मतदाताओं का आत्मविश्वास बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए शनिवार को जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस कमिश्नर ने भारी केंद्रीय बल के साथ रूट मार्च किया.
52 संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर
प्रशासन ने जिले के ऐसे 52 इलाकों को चिन्हित किया है, जहाँ पिछले तीन चुनावों (2021 विधानसभा, 2023 पंचायत और 2024 लोकसभा) के दौरान तनाव या हिंसा की शिकायतें मिली थीं. इन क्षेत्रों में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
जामुड़िया और रानीगंज के ग्राउंड जीरो पर पहुंचे अधिकारी
अभियान की शुरुआत जामुड़िया के संवेदनशील क्षेत्रों बाग सिमुलिया, शिशु धौड़ा और बोगड़ा रिफ्यूजी कॉलोनी से हुई. इसके बाद टीम श्रीपुर फाड़ी के अंतर्गत आने वाले बोगडा, श्रीपुर और शिवडांगा पहुंची. दोपहर बाद रानीगंज विधानसभा के जेमेरी और चलबलपुर इलाकों में भी सघन गश्त की गई.
इस उच्च स्तरीय दौरे में जिलाधिकारी एस. पोन्नाम्बलम, पुलिस कमिश्नर डॉ. प्रणव कुमार, डीसीपी (सेंट्रल) ध्रुव दास, जामुड़िया थाना प्रभारी सोमेन्द्र नाथ ठाकुर, श्रीपुर फाड़ी इंचार्ज मेहराज अंसारी और निमचा फाड़ी की आईसी एस.आई. नसरिन सुल्ताना मुख्य रूप से शामिल थे.उनके साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने भी कदमताल किया.
"डरें नहीं, वोट दें": प्रशासन का सीधा संवाद
अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से सीधे बातचीत की और उन्हें आश्वस्त किया कि वे बिना किसी बाहरी दबाव या भय के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे. डीएम एस. पन्नाम्बलम ने कहा प्रशासन हर मतदाता के साथ खड़ा है. रूट मार्च का उद्देश्य यह संदेश देना है कि किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है.अभी तक कोई बड़ी शिकायत नहीं मिली है, लेकिन मतदान के दिन भी यदि कोई गड़बड़ी हुई तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस कमिश्नर डॉ. प्रणव कुमार ने सख्त लहजे में कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई होगी, चाहे दोषी की राजनीतिक पहचान कुछ भी हो.
टोल-फ्री नंबर 1950: आपकी पहचान रहेगी गुप्त
प्रशासन ने जागरूकता अभियान के दौरान टोल-फ्री नंबर 1950 का प्रचार किया. मतदाताओं को बताया गया कि यदि उन्हें कोई डराता है, धमकाता है या मतदान से रोकने की कोशिश करता है, तो वे तुरंत इस नंबर पर सूचना दें.अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी.


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