जामुड़िया - इकड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित 'सुपर स्मेल्टर्स कारखाने' में एक दर्दनाक हादसे के दौरान एक श्रमिक की मृत्यु हो गई.इस घटना के बाद उचित मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों ने कारखाने के मुख्य द्वार पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया. प्रबंधन और तृणमूल नेताओं के बीच हुई मैराथन बैठक के बाद, साढ़े सोलह लाख रुपये मुआवजे और साठ वर्ष की आयु तक वेतन देने की घोषणा के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ.
ड्यूटी के दौरान हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के ब्लॉक-2 अंतर्गत बुड़ी ग्राम निवासी 32 वर्षीय काजी हाशिबुल रोजाना की तरह बीते गुरुवार को कारखाने के पीजी प्लांट यूनिट में काम करने गए थे. काम के दौरान अचानक वह एक दुर्घटना का शिकार हो गए.कारखाना प्रबंधन उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए एक निजी अस्पताल ले गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए आसनसोल जिला अस्पताल भेजा गया.
गेट पर प्रदर्शन और नेताओं की मौजूदगी
शुक्रवार सुबह जैसे ही हाशिबुल की मौत की खबर उनके गांव पहुँची, बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन कारखाने के गेट पर जमा हो गए. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मृतक अपने परिवार में एकमात्र कमाने वाला सदस्य था.मौके पर पहुँचे टीएमसी नेता असीत मंडल और प्रेमपाल सिंह ने परिजनों का समर्थन करते हुए कहा, यह एक अत्यंत दुखद घटना है. हाशिबुल के कंधों पर ही पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी. हम प्रबंधन से बात कर यह सुनिश्चित करेंगे कि परिवार का भविष्य सुरक्षित रहे.
मैराथन बैठक और ऐतिहासिक समझौता
विरोध को देखते हुए कारखाना अधिकारी अमरेश पांडे ने प्रदर्शनकारियों और नेताओं के साथ बैठक की. उन्होंने कहा, हाशिबुल हमारे पुराने और निष्ठावान कर्मचारी थे. उन्हें बचाने की हर संभव कोशिश की गई, लेकिन हम असफल रहे.
बैठक के दौरान मृतक के परिजनों को 16 लाख 50 हजार रुपये का एकमुश्त मुआवजा दिया जाएगा.मृतक की 60 वर्ष की आयु तक का पूरा वेतन उनके परिवार को पेंशन के रूप में प्रति माह मिलता रहेगा, ताकि परिवार का भरण-पोषण हो सके. इस पर सहमति बनी.
मुआवजे की ठोस घोषणा के बाद ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया। इस समझौते को क्षेत्र में श्रमिकों के हितों की एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है.


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