बांकुड़ा-पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और बांकुडा जिला प्राथमिक विद्यालय संसद के अध्यक्ष श्यामल संतरा का नाम प्राथमिक शिक्षक भर्ती में सामने आया है. सीबीआई की एक सूची के अनुसार, उनकी सिफारिश पर 22 लोगों को नौकरी मिली. इस खुलासे के बाद राजनीतिक हलचल मच गई है और विपक्षी दल जांच की मांग कर रहे हैं.
श्यामल संतरा 2014 में कोतूलपुर विधानसभा उपचुनाव में विधायक बने थे.2016 में उन्होंने फिर से उसी सीट से चुनाव जीता और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के राज्य मंत्री बने. 2021 के विधानसभा चुनावों में हार के बाद उन्हें अपना पद खोना पड़ा, लेकिन हाल ही में तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें बांकुरा जिला प्राथमिक विद्यालय संसद का अध्यक्ष नियुक्त किया.
2020 से, सीबीआई राज्य में प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती की जांच कर रही है. हाल ही में, उन्हें 324 शिक्षकों के नामों की एक सूची मिली है, जिन्हें विभिन्न प्रभावशाली लोगों की सिफारिश पर नियुक्त किया गया था. इस सूची में श्यामल संतरार की सिफारिश पर 22 लोगों को नौकरी मिलने का खुलासा हुआ है.
यह सूची सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है, जिससे राजनीतिक हंगामा मच गया है. विपक्षी दल भाजपा ने मांग की है कि श्यामल संतरा को सीबीआई को यह बताना चाहिए कि किसके निर्देश पर और कितने पैसे लेकर उन्होंने इन 22 लोगों की नौकरी की सिफारिश की थी. वामपंथी दल भी इस घटना की जांच की मांग कर रहे हैं.
हालांकि, श्यामल संतरा ने पूरे आरोपों से इनकार किया है. उन्होंने दावा किया है कि 2026 के चुनावों को देखते हुए उन्हें राजनीतिक रूप से फंसाया जा रहा है उन्होंने कहा कि अगर सीबीआई उन्हें बुलाती है तो वह सहयोग करेंगे.


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