रानीगंज- रानीगंज विधानसभा क्षेत्र में पंचायत चुनाव के नतीजों को लेकर आसनसोल दक्षिण के विधायक अग्निमित्र पाल ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि रानीगंज के एगरा ग्राम पंचायत और बल्लभपुर स्तिथ एक एक सीट भाजपा को मिले.एगरा पंचायत के 261 संसद में बादशाह चटर्जी,जबकि बल्लभपुर ग्राम पंचायत 282 सीट पर भाजपा उम्मीद्वार मनोज कोड़ा को जीत हासिल हुई.इस विषय में आसनसोल दक्षिण के विधायक अग्निमित्रा पाल ने कहा कि भाजपा को इससे कहीं ज्यादा सफलता की उम्मीद थी लेकिन जिस तरह से 8 जुलाई को पंचायत चुनाव के दिन टीएमसी द्वारा फर्जी वोटिंग की गई, भाजपा प्रत्याशियों चुनावी एजेंटों और उनके कार्यकर्ताओं समर्थकों को धमकाया गया, आतंक फैलाया गया, उस वजह से नतीजे इतने बुरे हुए. उनका कहना है कि यह कोई चुनाव नहीं था क्योंकि इस चुनाव में प्रशासन मूक बधिर बनी रहे और टीएमसी द्वारा पूरी तरह से गुंडागर्दी चलाई गई. उन्होंने कहा कि अब तक 42 लोगों की मौत हो गई लेकिन राज्य के मुख्यमंत्री खामोश है ,वहीं सीपीएम कार्यकर्ताओं द्वारा तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का डटकर मुकाबला करने के सवाल पर अग्निमित्र पौल ने कटाक्ष करते हुए कहा कि सीपीएम तृणमूल कांग्रेस के एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, बंगाल में वह तृणमूल कांग्रेस को उखाड़ फेंकने की बात करती है लेकिन पटना में जाकर ममता बनर्जी सीताराम येचुरी को खाना खिलाती हैं .वही बंगाल में कांग्रेस कार्यकर्ता ममता बनर्जी की सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हैं लेकिन पटना में सोनिया गांधी अभिषेक बनर्जी को खाना खिलाती हैं. उन्होंने साफ कहा कि ममता बनर्जी चाहती थी कि माकपा यहां पर विरोधी शक्ति बनकर उभरे ,क्योंकि सीपीएम और तृणमूल कांग्रेस पूरी तरह से सेटिंग है .विधायक ने इन आरोपों से इनकार किया कि भाजपा पंचायत चुनाव को लेकर गंभीर नहीं है. उन्होंने कहा कि भाजपा पंचायत चुनाव को लेकर काफी गंभीर है, और यही वजह है कि पंचायत चुनाव की घोषणा होते ही वह अपने कार्यकर्ताओं के साथ रात दिन पंचायत क्षेत्रों का दौरा कर रहे थे ,लेकिन जिस तरह से राज्य के मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव सिन्हा ममता बनर्जी के हाथों की कठपुतली बनकर रह गए और टीएमसी को गुंडागर्दी करने के लिए खुला मैदान दे दिया, ऐसे में इस तरह के नतीजों से ज्यादा और क्या उम्मीद की जा सकती है, लेकिन 2024 के चुनाव इसके संपूर्ण विपरीत होंगे ,क्योंकि इस बार केंद्रीय सुरक्षा बल भले ही आए थे, लेकिन उनकी तैनाती नहीं की गई थी उनको बिठा कर रखा गया था, लेकिन 2024 के चुनाव में इस तरह नहीं होगा. 10 से 15 दिन पहले से केंद्रीय सुरक्षा बल विभिन्न क्षेत्रों में गश्त करेंगे और टीएमसी का चुनाव को प्रभावित करने का मौका ही नहीं मिलेगा.



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