आसनसोल : आसनसोल जिला भाजपा के द्वारा पंचायत चुनाव के मतदान के दिन हिंसा और हत्या कराने का आरोप राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग पर लगाते हुए रविवार को आसनसोल बीएनआर स्थित जीटी रोड जाम कर विरोध प्रदर्शन किया गया। यह विरोध प्रदर्शन आसनसोल जिला के भाजपा जिला अध्यक्ष दिलीप दे के नेतृत्व में किया गया। इस मौके पर आसनसोल दक्षिण विधानसभा की विधायिका अग्निमित्रा पाल, कुल्टी के विधायक डॉ अजय कुमार पोद्दार, प्रशांत चक्रवर्ती, आशा शर्मा समेत सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।इस मौके पर अग्निमित्रा पाल ने कहा कि पूरे राज्य में लोकतंत्र का मजाक उड़ाया गया। मतदान के दिन 23 लोगों की जान गई। जमकर बूथ लूटा गया।पश्चिम बर्दवान जिले में भी यही हुआ। जेके नगर में विनोद मुनिया और अर्जुन सिंह ने बूथ लूटा गोलियां चली। पुलिस मूकदर्शक बनी रही। अग्निमित्रा पाल ने कहा कि यह पूरी हिंसा और हत्या के लिए राज्य के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य चुनाव आयोग के आयुक्त राजीव सिन्हा दोषी हैं। इन लोगों के ऊपर जो चुनाव के दौरान मारे गए हैं। उन लोगों के हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया जाना चाहिए। यदि ऐसा ही चुनाव करवाना था, तो ममता बनर्जी पहले बोलती हम लोग भिक्षा के रूप में दान कर देते। कम से कम 23 लोगों की जान तो नहीं जाती। उन्होंने पुलिस पर पक्षपात करने का भी आरोप लगाते हुए कहा कि मतदान के दिन मुझे मेरे कार्यालय में नजरबंद कर दिया गया। जबकि उप मेंयर अभिजीत घटक पूरे इलाके में घूमते रहे। मैं मुख्यमंत्री से पूछना चाहूंगा कि तृणमूल के नेताओं के लिए दूसरा कानून है और विपक्षी नेताओं के लिए दूसरा कानून। अग्निमित्र पाल ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के गुंडा वाहिनी ने जमकर अत्याचार किए, मारपीट किए, बूथ लुटे। इसके विरोध में आज हम लोगों ने सड़क जाम किया। हालांकि इससे आम लोगों को परेशानी हो रही थी इसलिए हम लोगों ने आधे घंटे तक सड़क जाम किया। उसके बाद विरोध प्रदर्शन को हटा लिया।

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