आसनसोल : महालया के दिन पितरों का तर्पण के साथ पितृपक्ष समाप्त हो गया। शिल्पांचल में दामोदर एवं अजय नदी के घाटों पर पितरों को तर्पण करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी दामोदर नदी के बराकर डिशेरगढ़ बर्नपुर के बाबा भूतनाथ घाट रानीगंज के बल्लवपुर दामोदर घाट सहित विभिन्न घाटों पर पितरों को तर्पण देने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु जुटे।
बंगाल में महालया का विशेष महत्व है। इस दिन बंगाली परिवार मां दुर्गा के आने का आह्वान करते हैं। महालया सर्व पितृ अमावस्या के अवसर पर पितरों के तर्पण के लिए रविवार को सुबह से ही दामोदर एवं अजय नदी के किनारे घाटों और विभिन्न तलाबों के पास लोग अपने पितरों को तर्पण करते दिखे।
मान्यता है कि महालया के साथ श्राद्ध पक्ष खत्म होते हैं। इस दिन लोग अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण करते हैं।
तर्पण का सिलसिला दिनभर जारी रहा। वहीं, महालया के साथ बंगाल में दस दिवसीय दुर्गा पूजा का आरंभ हो गया। दरअसल महालया के दिन से ही देवी पक्ष की शुरुआत मानी जाती है। मान्यता है कि महालया के साथ जहां श्राद्ध पक्ष खत्म होते हैं। इसी दिन मां दुर्गा कैलाश पर्वत से धरती पर आगमन कर अगले 10 दिनों के लिए वास करती हैं।

0 टिप्पणियाँ