रानीगंज-यूक्रेन और रशिया के बीच चल रहे युद्ध में फंसे भारतीय विद्यार्थियों को भारत सरकार सकुशल स्वदेश लाने में जुटी हुई है। रानीगंज से भी मेडिकल की पढ़ाई के लिए यूक्रेन गए स्टूडेंट रोहित कुमार सिंह और आकांक्षा सुमन शनिवार सुरक्षित अपने घर लौट आए है, जहां दोनों से मिलने विधायक तापस बनर्जी पहुंचे। इनलोगों से मिलकर विधायक तापस बनर्जी ने उनका हालचाल जाना साथ ही वहां की स्थिति की जानकारी ली। रोहित और आकांक्षा ने मीडिया से वहां की स्थिति का आंखों देखा हाल बयां किया। रोहित ने कहा कि विगत 24 फरवरी को रसिया ने यूक्रेन पर हमला किया था और इसके बाद तो स्थिति बिगड़ती चली गई। 24 फरवरी को जिस वक्त हमला हुआ उससे पहले ही एयर इंडिया की फ्लाइट निकल चुकी थी इसलिए हमें अपने देश लौटने की उम्मीद नहीं बची। उसने आगे कहा कि हमने रोमानिया बॉर्डर से बस की सहायता से भारत सरकार की तरफ से चलाई जा रही फ्लाइट से उड़ान भरी और वहां से दिल्ली पहुंचे। दिल्ली में अपने-अपने राज्य के डेलिगेट्स मौजूद थे जिन्होंने हमें गेस्ट हाउस ले जाकर नाश्ता करवाया और फिर वहां से हम सभी अपने घर के लिए रवाना हो गए। रोहित ने भारत सरकार से अनुरोध किया है कि हम सभी तो सुरक्षित वापस अपने घर लौट आए हैं लेकिन यूक्रेन में कई ऐसे स्टूडेंट अभी भी फंसे हुए हैं जो बंकर में है, उन्हें बाहर निकलने का कोई रास्ता भी नहीं सूझ रहा है, भारत सरकार ऐसे इंडियन स्टूडेंट को भी सुरक्षित घर लेकर आए। बता दे कि दोनों ही बच्चे यूक्रेन के लविव इंटरनेशनल मेडिकल कॉलेज में थे,जो पिछले 4 वर्षों से वहां शिक्षा ग्रहण कर रहे थे 2 वर्षों की शिक्षा के बाद दोनों स्वदेश लौटने वाले थे लेकिन युद्ध की वजह से पढ़ाई बीच में छोड़ कर भारत लौटना पड़ा।

0 टिप्पणियाँ