रानीगंज: रानीगंज के वार्ड संख्या 89 स्थित हटिया शिव मंदिर इलाके में एक दुकान और उससे जुड़े तृणमूल कांग्रेस कार्यालय को लेकर विवाद ने राजनीतिक रंग ले लिया है.करीब 12 वर्षों से चल रहे तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालय का ताला मंगलवार को कथित रूप से तोड़कर दुकान मालिक और भाजपा कार्यकर्ताओं ने उस पर कब्जा कर इसकी चाभी थाना में जमा कर दिया , जिसके बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया.
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, दुकान के मालिक मोहन भदानी का आरोप है कि लगभग 12 वर्ष पहले उनकी जमीन और दुकान में तृणमूल कांग्रेस का पार्टी कार्यालय बनाया गया था. उन्होंने दावा किया कि कई बार जमीन वापस लेने का प्रयास करने और आवेदन देने के बावजूद उन्हें लगातार धमकियां मिलती रहीं. इस मामले में उन्होने रानीगंज बोरो-2 के चेयरमैन मोजम्मेल शहजादा पर भी आरोप लगाए जा रहे हैं. हालांकि, उनसे संपर्क करने की कई बार कोशिश की गई, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका.
इसी दौरान मोहम्मद जाफर नामक एक व्यक्ति ने दावा किया कि उक्त संपत्ति को लेकर उनका दुकान मालिक के बड़े भाई के साथ समझौता हुआ था और इसके एवज में उन्होंने बड़ी रकम भी दी थी. उनका आरोप है कि जगह खाली कराने की मांग करने पर उन्हें भी धमकियां दी गईं.
मंगलवार को जमीन मालिक के समर्थन में भाजपा नेता दिवाकर चक्रवर्ती, रबी केशरी, मोनू वर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और पार्टी कार्यालय का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया. बाद में दोनों पक्षों के बीच बढ़ते विवाद और तनाव को देखते हुए दुकान में दोबारा ताला लगाया गया और उसकी चाबी रानीगंज थाने में जमा करा दी गई.
भाजपा नेता रबी केशरी ने कहा कि जब तक संपत्ति के स्वामित्व को लेकर स्पष्ट निर्णय नहीं हो जाता, तब तक चाबी थाने में ही रहेगी.उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल नेताओं ने अवैध रूप से जमीन पर कब्जा कर रखा था और जमीन मालिक तथा समझौता करने वाले व्यक्ति को धमकाया जाता था.
घटना के बाद इलाके में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है.मामले में तृणमूल कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है, जबकि अब सबकी निगाहें प्रशासन और पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं.

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