चुरुलिया के राखाकुड़िया गांव में मची तबाही; ग्रामीणों ने कहा- "आश्वासन नहीं, अब समाधान चाहिए"
जामुड़िया,-जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत चुरुलिया के राखाकुड़िया गांव में रविवार सुबह एक भीषण अग्निकांड ने भारी तबाही मचाई. इस हृदयविदारक घटना में स्थानीय निवासी अनारुल का घर पूरी तरह जलकर खाक हो गया. घर में रखा अनाज, कपड़े, जरूरी दस्तावेज और जीवन भर की जमा पूंजी पल भर में राख के ढेर में तब्दील हो गई इस घटना ने एक बार फिर इलाके में दमकल केंद्र की कमी के पुराने जख्मों को हरा कर दिया है.
धूं-धूं कर जला घर, बेबस दिखे ग्रामीण
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब 11:00 बजे अनारुल के घर से अचानक धुआं निकलता देखा गया. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया.स्थानीय ग्रामीणों ने बाल्टियों में पानी भरकर और पारंपरिक तरीकों से आग बुझाने की जी-तोड़ कोशिश की, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उनके प्रयास नाकाफी साबित हुए.घंटों की मशक्कत के बाद जब तक आग पर काबू पाया गया, तब तक सब कुछ नष्ट हो चुका था.
प्रशासनिक उपेक्षा के खिलाफ फूटा आक्रोश
इस हादसे के बाद राखाकुड़िया और आसपास के गांवों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जामुड़िया जैसे सघन आबादी वाले क्षेत्र में लंबे समय से एक स्थायी दमकल केंद्र की मांग की जा रही है, लेकिन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने इसे हमेशा ठंडे बस्ते में डाल रखा है. स्थानीय ग्रामवासी मो0 आजाद ने कहा कि अगर आज हमारे पास समय पर दमकल की गाड़ी पहुँचने की सुविधा होती, तो अनारुल का घर और उसका सामान बचाया जा सकता था.हमें सिर्फ चुनाव के समय आश्वासन मिलता है, लेकिन मुसीबत के समय हम अकेले होते हैं.
पीड़ित परिवार की प्रशासन से गुहार
अग्निकांड में अपना सब कुछ खो चुके अनारुल का परिवार अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है. पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मुआवजे और तत्काल सहायता की अपील की है.
आंदोलन की चेतावनी
इलाके के लोगों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जामुड़िया में दमकल स्टेशन की स्थापना के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे बड़े पैमाने पर सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगेस्थानीय लोगों का कहना है कि वे अब और अधिक जान-माल का नुकसान बर्दाश्त नहीं करेंगे.


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