रानीगंज के हुजूर गौसे बंगाला पहुंचे AIMIM प्रमुख, कहा— हम किसी की 'बी टीम' नहीं, वंचितों की आवाज़ हैं
रानीगंज: एआइएमआइएम (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी आज रानीगंज स्थित 'हुजूर गौसे बंगाला' पहुंचे। इस दौरान उनके साथ पश्चिम बर्दवान जिले के पार्टी सदस्य और आगामी विधानसभा चुनाव के प्रत्याशी भी मौजूद रहे। मजार पर दर्शन और दुआ करने के बाद ओवैसी ने पत्रकारों से मुखातिब होते हुए बंगाल की सियासत और अल्पसंख्यकों की स्थिति पर अपनी बेबाक राय रखी।
नेतृत्व की कमी और पिछड़ापन
असदुद्दीन ओवैसी ने बंगाल चुनाव में उतरने के अपने फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि वह चाहते हैं कि बंगाल के मुसलमानों का अपना एक मजबूत राजनीतिक नेतृत्व तैयार हो। उन्होंने कहा:
"अभी तक बंगाल का मुसलमान सिर्फ कुछ खास राजनीतिक पार्टियों के साथ जुड़ता रहा है, लेकिन इससे उनका कोई वास्तविक भला नहीं हुआ। आज भी राज्य का मुसलमान गरीबी और अशिक्षा के साये में जीने को मजबूर है।"
ओवैसी ने जोर देकर कहा कि इस स्थिति से निजात पाने का एकमात्र रास्ता राजनीतिक सशक्तिकरण है। जब तक मुसलमान राजनीतिक रूप से मजबूत नहीं होंगे, उनके हक की लड़ाई अधूरी रहेगी।
'बी टीम' के आरोपों पर पलटवार
आम जनता उन्नयन पार्टी के साथ गठबंधन टूटने और टीएमसी (TMC) की 'बी टीम' कहे जाने के आरोपों पर ओवैसी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी किसी भी दल की पिछलग्गू नहीं है।
उन्होंने कहा, "कभी हमें भाजपा की बी टीम कहा जाता है, तो कभी टीएमसी की। मैं साफ कर देना चाहता हूं कि एआइएमआइएम किसी की बी टीम नहीं है। हम आम जनता की आवाज हैं और हमारा एकमात्र लक्ष्य वंचित वर्ग को उनका हक और अधिकार दिलवाना है।"
चुनावी समीकरण और लक्ष्य
रानीगंज के इस दौरे से पश्चिम बर्दवान के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। ओवैसी ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पार्टी इस बार पूरे दम-खम के साथ चुनाव लड़ेगी और उनका मुख्य फोकस उन क्षेत्रों पर होगा जहां अल्पसंख्यक और वंचित वर्ग निर्णायक भूमिका में हैं।





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