बांकुड़ा: प्राथमिक शिक्षक नेता अरिंदम मंडल पर हुए हमले के विरोध में 'संग्रामी संयुक्त मंच' ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 48 घंटों के भीतर दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो राज्य भर के शिक्षक और सरकारी कर्मचारी आगामी विधानसभा चुनाव में चुनावी ड्यूटी का बहिष्कार करेंगे।
विरोध प्रदर्शन और घेराव
आज बांकुड़ा के तामलीबांध इलाके में संगठन के नेता भास्कर घोष के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों ने एक विशाल विरोध रैली निकाली। यह रैली बांकुड़ा के पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की।
क्या है पूरा मामला?
घटना बीते 10 अप्रैल की है, जब संग्रामी संयुक्त मंच की एक बैठक से लौटते समय स्कूलडांगा इलाके में अरिंदम मंडल पर जानलेवा हमला किया गया था। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह हमला तृणमूल नेता सूरज बख्श के नेतृत्व में किया गया था। संयुक्त मंच का दावा है कि आरोपी सत्ताधारी दल से जुड़े हैं, इसलिए पुलिस उन्हें बचाने की कोशिश कर रही है और अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
चुनाव कार्य ठप करने की चेतावनी
मंच के नेता भास्कर घोष ने स्पष्ट किया कि शिक्षक की बेरहमी से पिटाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, "अगर 48 घंटे के भीतर दोषियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो कोई भी शिक्षक या सरकारी कर्मचारी चुनाव कर्मी के रूप में काम नहीं करेगा।"
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेतृत्व ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि इस मारपीट की घटना का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।

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