जामुड़िया-आसनसोल के जामुड़िया विधानसभा अंतर्गत चुरुलिया क्षेत्र के मदनतोड़ गांव में पिछले कई दिनों से कायम दहशत का अंत तब हुआ, जब वन विभाग की टीम ने एक विशालकाय लकड़बग्घे (हाइना) को सफलतापूर्वक पकड़ लिया. मदनतोड़ और मधु डांगा गांवों के बीच एक खाली खेत से इस जंगली जानवर को रेस्क्यू किया गया, जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई.
वन विभाग की सक्रियता से मिली सफलता
स्थानीय ग्रामीणों की शिकायत पर जामुड़िया पुलिस और वन विभाग ने संयुक्त रूप से जाल बिछाया था. मामले की पुष्टि करते हुए वन विभाग के अधिकारी सुमंत दास ने बताया कि उन्हें इलाके में लकड़बग्घा देखे जाने की पुख्ता सूचना मिली थी.सूचना के आधार पर टीम ने त्वरित कार्रवाई की और जानवर को सुरक्षित पकड़ लिया. अधिकारी दास के अनुसार, पकड़े गए हाइना को फिलहाल रूपनारायणपुर स्थित रेंज ऑफिस भेजा गया. जब उनसे अन्य जंगली जानवरों की मौजूदगी पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि फिलहाल इस बारे में निश्चित रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन निगरानी जारी रहेगी.
ग्रामीणों का दावा :यह हमारे लिए रोज की बात
भले ही वन विभाग ने एक लकड़बग्घे को पकड़ लिया हो, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या उनके लिए नई नहीं है.ग्रामीणों के मुताबिक, मदनतोड़ और मधुडांगा के बीच स्थित खाली खेतों में अक्सर लकड़बग्घे, लोमड़ी और अन्य हिंसक जानवर देखे जाते हैं. रात के समय ये जानवर भोजन की तलाश में गांव के रिहायशी इलाकों तक पहुंच जाते हैं.
छात्रों और फैक्ट्री कर्मियों में डर का माहौल
इस क्षेत्र से हर दिन बड़ी संख्या में फैक्ट्री वर्कर और छात्र-छात्राएं गुजरते हैं.जंगली जानवरों की लगातार आवाजाही के कारण स्थानीय निवासियों में लंबे समय से डर बना हुआ था. चुरुलिया फाड़ी अंतर्गत मदनतोड़ ग्राम पंचायत क्षेत्र के निवासियों ने राहत की सांस तो ली है, लेकिन उनका मानना है कि इलाके में और भी जानवर छिपे हो सकते हैं.
वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी अन्य जंगली जानवर के दिखने पर तुरंत सूचना देने की अपील की है.फिलहाल रेस्क्यू किए गए हाइना के स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ने की प्रक्रिया पूरी की गयी.



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