जामुड़िया- राज्य सरकार की 'जल स्वप्न' जैसी योजनाएं जहाँ हर घर नल से जल पहुँचाने का दावा करती हैं, वहीं जामुड़िया बोरो-1 के अंतर्गत आने वाले वार्ड संख्या-1 के बोरिंगडांगा इलाके से एक बेबस कर देने वाली तस्वीर सामने आई है.यहाँ एक गरीब दंपत्ति पिछले एक महीने से सरकारी नियमों के तहत पैसे जमा करने के बावजूद पानी के कनेक्शन के लिए दर-दर भटक रहा है.
ज्ञात रहे कि पश्चिम बंगाल सरकार की 'जल स्वप्न' योजना, जो 2020 में शुरू की गई, राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक पाइप के माध्यम से सुरक्षित पेयजल (नल का पानी) पहुँचाने की एक प्रमुख पहल है. इसका उद्देश्य 2 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को लाभान्वित करना है.
चाय की दुकान चलाने वाले गोपाल की व्यथा
बोरिंगडांगा निवासी गोपाल बाउरी, जो एक छोटी सी चाय की दुकान चलाकर अपना गुजर-बसर करते हैं, आज व्यवस्था की सुस्ती के कारण परेशान हैं. उनकी पत्नी चंदना बाउरी, जो घर के काम के साथ-साथ पति के काम में हाथ बँटाती हैं, उन्हें हर दिन दूर-दराज के इलाकों और सड़क के उस पार से पानी ढोकर लाना पड़ता है. दंपत्ति का कहना है कि उन्होंने पानी की किल्लत से तंग आकर अपनी गाढ़ी कमाई से पैसे जोड़कर एक महीने पहले सरकारी नियमों के अनुसार कनेक्शन के लिए आवेदन किया और राशि जमा की.
"आज-कल" के खेल में बीता एक महीना
चंदना बाउरी ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्हें बोरो ऑफिस से एक संपर्क नंबर दिया गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी उस नंबर पर फोन करो, तो जवाब मिलता है कि आज कर्मचारी जाएगा या कल जाएगा. इसी तरह टालमटोल करते हुए पूरा महीना बीत गया. पिछले दो-तीन दिनों से तो संबंधित व्यक्ति अब फोन तक नहीं उठा रहा है.
लाचारी ऐसी है कि भारी मेहनत के बाद भी इस भीषण गर्मी की दस्तक के बीच उन्हें पानी के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है.दूर से रोजाना ढो कर पानी लानी पड़ती है.
पार्षद ने दिया आश्वासन
जब इस मामले को लेकर स्थानीय पार्षद मृदुल चक्रवर्ती से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस विशेष मामले की विस्तृत जानकारी नहीं थी. हालांकि, उन्होंने भरोसा दिलाया है कि वे इस पर तुरंत संज्ञान लेंगे.पार्षद ने कहा कि दंपत्ति को और भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी और जल्द से जल्द उनके घर पर पानी का कनेक्शन सुनिश्चित कराया जाएगा.
अब देखना यह है कि प्रशासन की नींद कब टूटती है और गोपाल-चंदना के घर के आंगन में कब सरकारी नल से पानी की धार गिरती है.


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