रानीगंज-राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में रानीगंज के त्रिवेणी देवी भालोटिया (टीडीबी) कॉलेज में दो दिवसीय विशेष कार्यक्रम और परिचर्चा का आयोजन किया गया.कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में भारत के विख्यात वैज्ञानिक और कोलकाता बिरला तारामंडल के पूर्व डायरेक्टर डॉ. देवी प्रसाद दुराई ने शिरकत की. उन्होंने 'वूमेन इन साइंस: कैंटलिंग विकसित भारत' विषय पर संबोधित करते हुए राष्ट्र निर्माण में महिला वैज्ञानिकों के योगदान पर विशेष जोर दिया.
रमन प्रभाव की याद और वैज्ञानिक दृष्टिकोण
परिचर्चा को संबोधित करते हुए वैज्ञानिक डॉ. दुराई ने छात्रों को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के महत्व से अवगत कराया. उन्होंने बताया कि 28 फरवरी 1928 को भारतीय भौतिक विज्ञानी सर चंद्रशेखर वेंकट रमन ने रमन प्रभाव की खोज की घोषणा की थी, जो प्रकाश के प्रकीर्णन से संबंधित है उन्होंने अनुसंधान, प्रौद्योगिकी एवं साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, मैथमेटिक्स के क्षेत्र में महिलाओं के प्रयासों की सराहना की.
छात्रों में वैज्ञानिक जिज्ञासा जगाना उद्देश्य
कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. संजीव पांडे ने डॉ. दुराई को सम्मानित किया. उन्होंने कहा, बच्चों के अंदर विज्ञान को लेकर जागरूकता और उत्साह पैदा करने के उद्देश्य से यह दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया है. विज्ञान दिवस का मकसद ही यही है कि बच्चों में नए-नए आविष्कार करने की इच्छा जागृत हो. यदि विज्ञान के क्षेत्र में रिसर्च एंड डेवलपमेंट नहीं होगा, तो देश तरक्की नहीं कर सकता.
इस कार्यक्रम में रानीगंज क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों के सैकड़ों विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया.गैलेक्सी और तारामंडल के बारे में जानकारी पाकर छात्र काफी उत्साहित नजर आए.विद्यार्थियों ने कहा कि विशेषज्ञों का वक्तव्य सुनकर उन्हें काफी कुछ सीखने को मिला, जिससे वे विज्ञान के क्षेत्र में भविष्य तलाशने के लिए प्रेरित हुए हैं.


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