आसानसोल: औद्योगिक नगरी के हृदय स्थल में स्थित आसानसोल जिला अदालत परिसर में मंगलवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जिला जज को एक अज्ञात ई-मेल के जरिए कोर्ट को उड़ाने की धमकी मिली। मेल में दावा किया गया कि परिसर के भीतर भारी मात्रा में RDX (विस्फोटक) प्लांट किया गया है। इस सूचना के बाद सुरक्षा एजेंसियों के हाथ-पांव फूल गए और आनन-फानन में पूरे परिसर को खाली कराया गया।
तमिलनाडु से कनेक्शन, भाषा बंगला
इस घटनाक्रम का सबसे चौंकाने वाला पहलू ई-मेल का स्रोत है। शुरुआती जांच के अनुसार, यह धमकी भरा संदेश तमिलनाडु से भेजा गया है, लेकिन इसके भीतर की सामग्री बंगला भाषा में लिखी गई है। सुबह करीब 11:00 बजे जब जिला जज ने मेल पढ़ा, तो उन्होंने तुरंत इसकी गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन को सूचित किया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सुरक्षा घेरा
सूचना मिलते ही आसानसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के डीसीपी (सेंट्रल) ध्रुव दास के नेतृत्व में भारी पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स मौके पर पहुँची। पुलिस ने बिना समय गंवाए निम्नलिखित सुरक्षा उपाय किए: कोर्ट रूम, रजिस्ट्री ऑफिस और वकीलों के चैंबर को तुरंत खाली करा लिया गया। सुनवाई के लिए जेल से लाए गए विचाराधीन कैदियों को विशेष सुरक्षा घेरे में सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया. राज्य पुलिस की बम निरोधक दस्ता (BDS) और स्निफर डॉग्स की टीम ने चप्पे-चप्पे की तलाशी शुरू की।
दहशत का माहौल
मंगलवार होने के कारण अदालत में मुवक्किलों और वकीलों की भारी भीड़ थी। अचानक हुई पुलिस कार्रवाई और लाउडस्पीकर पर खाली करने के आदेश से परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। पुलिस अधिकारी ने बताया, "सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमने फाइलों के रिकॉर्ड रूम से लेकर पार्किंग लॉट तक की सघन जांच की है।"
जांच जारी
ताजा समाचार मिलने तक परिसर से कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। साइबर सेल की मदद से ई-मेल के आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रैक किया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि तमिलनाडु में बैठे किस व्यक्ति ने और किस मंशा से इस तरह का कार्य किया है

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