तनिष्क दुर्गापुर शोरूम में जेवरात खरीदकर फर्जीवाड़ा की राशि का कर दिया भुगतान, बैंक फ्रीज
आसनसोल साइबर क्राइम थाना में शोरूम के प्रबंधक ने की शिकायत, जिसपर दर्ज हुई प्राथमिकी
दो अलग-अलग लेनदेन में 99,800 और 92,325 रुपये का युपीआई से किया भुगतान, कुछ देर बाद ही बैंक से आ गया मैसेज
रानीगंज-.साइबर अपराधियों ने पूरे देश में व्यवसायियों की नींद उड़ा कर रख दी है. युपीआई से भुगतान करनेवाला हर ग्राहक संदेह के घेरे में है. सामान बेचने के बाद बैंक से कब सूचना आ जाये कि युपीआई से जो पैसा प्राप्त हुआ है, वह ठगी किया हुआ पैसा है और आपका खाता फ्रीज किया जा रहा है. पूरे देशभर से यह मामला सामने आ रहा है. सोमवार रात को साइबर क्राइम थाना में एक ऐसा ही मामला दर्ज हुआ. तनिष्क के दुर्गापुर सिटी सेंटर शाखा के प्रबंधक ने तारकनाथ गांगुली ने अपनी शिकायत में कहा कि दो ग्राहक सोने की खरीदारी की और नकदी के साथ युपीआई के माध्यम से एक ने 99,800 रुपये और दूसरे ने 92,325 रुपये का भुगतान किया. बिलिंग हुआ और भुगतान सफलतापूर्वक हो गया. उनके जाने के बाद ही एचडीएफसी बैंक से उन्हें सूचित किया गया कि युपीआई लेनदेन के उक्त दोनों मामलों में धोखाधड़ी के पैसे का उपयोग हुआ है, जिसके कारण बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया है. श्री गांगुली की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना में कांड संख्या 16/26 में बीएनएस की धारा 317(2)/318(4)/319(2)/61(2)/3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई.
कैसे फर्जीवाड़ा की राशि से फंसते हैं व्यापारी?
साइबर ठगी के जरिये लूटा हुआ पैसा अपराधी तुरंत अनेकों खातों में ट्रांसफर कर देते हैं. यदि राशि बड़ी हुई तो देखते ही देखते सैकड़ों खातों में ट्रांसफर हो जाती है. पुलिस जबतक इन खातों में लेनदेन की प्रक्रिया पर रोक लगाने के लिए बैंकों को चिट्ठी जारी करती है, उससे पहले इन खातों से राशि नकदी निकाला लिया जाता है या फिर सामानों की खरीदारी करके पैसा खर्च कर दिया जाता है. सामानों की खरीदारी ऑनलाइन प्रक्रिया से की जाती है. इससे ठगी की राशि व्यापारी तक चली जाती है और पुलिस के निर्देश पर बैंक उस व्यापारी के खाते को फ्रीज कर देती है. जिससे उसका पूरा व्यापार प्रभावित हो जाता है. जो ठगी की राशि उनके खाते में आयी है, वह राशि बैंक वापस उस व्यक्ति को लौटा देती है. इससे व्यापारी का दोहरा नुकसान होता है. सामान भी गया और पैसा भी चला गया. पुलिस और बैंक की परेशानी अलग से. पेट्रोल पंप, गोल्ड शोरूम,इलेक्ट्रनिक्स की दुकानों पर इसतरह के मामले ज्यादा सामने आ रहा है.


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