1.35 करोड़ रुपये पीड़ित को मिला वापस, अबतक की सबसे बड़ी राशि की हुई रिकवरी
दो करोड़ रुपये से अधिक की राशि बैंकों में ब्लॉक करवाकर पुलिस ने करवाया कोर्ट ऑर्डर, जल्द और भी कुछ राशि पीड़ित को मिलने की है उम्मीद
रानीगंज के चिकित्सक डॉ. अरुण कुमार शर्मा के साथ इन्वेस्टमेंट स्कैम में 16.83 करोड़ रुपये की हुई थी ठगी, पांच आरोपी हुए हैं गिरफ्तार
रानीगंज. साइबर क्राइम थाना पुलिस की तत्परता से आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट (एडीपीसी) के इतिहास में सबसे बड़ी रकम (16.83 करोड़ रुपये) की साइबर ठगी में पीड़ित डॉ. अरुण कुमार शर्मा को थोड़ी राहत मिली. पुलिस ने उन्हें 1.35 करोड़ रुपये वापस लौटाया, जो अबतक की सबसे बड़ी रिकवरी अमाउंट है. पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार डॉ. शर्मा की कुल ठगी की राशि में से दो करोड़ रुपये से अधिक का अमाउंट विभिन्न बैंकों में ब्लॉक करवाकर वापसी के लिए अदालत से आदेश करवाया गया है. जिसमें से 1.35 करोड़ रुपये वापस हो गया है. 70 लाख रुपये को वापसी को लेकर बैंकों से बात चल रही है. बाकी राशि कहां-कहां गयी? यह भी पता लगाने का प्रयास चल रहा है. मामले में कुल पांच आरोपी गिरफ्तार हुए हैं, इनके अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी को लेकर टीम विभिन्न राज्यों में गयी हुई है.
क्या है पूरा मामला?
रानीगंज रामबागान, डॉक्टर्स कॉलोनी इलाके के निवासी डॉ. शर्मा को साइबर अपराधियों के इन्वेस्टमेंट स्कैम में फंसाकर पिछले साल 24 अक्तूबर से 25 नवम्बर के बीच 16,83,90,000 रुपये लूट लिया. निवेश की गयी राशि एक माह में ही बढ़कर 200 करोड़ रुपये एप्लिकेशन पर शो करने लगा. जब राशि निकालने गये, तो उनसे 12.5 करोड़ रुपये अतिरक्त डिपॉजिट करने को कहा गया. इसके बाद उन्हें समझ आयी कि वे साइबर अपराधियों के चंगुल में हैं. उन्होंने तुरन्त इसकी शिकायत एनसीआरपी और साइबर क्राइम थाना आसनसोल में की. इतनी बड़ी रकम की ठगी के मामले में विशेष जांच दल (एसआइटी) गठन किया गया.
गुवाहाटी से चार और पांसकुड़ा से एक, कुल पांच आरोपियों की हुई है गिरफ्तारी
इस मामले में बैंक का लिंक पकड़कर पुलिस ने जांच शुरू की. जिसमें गुवाहाटी (असम) से भास्कर घोष, मोहम्मद वसीम, विकास शर्मा, नबीउल हक तथा पूर्व मेदिनीपुर जिला के पांसकुड़ा इलाके का निवासी अरूप नायक को गिरफ्तार किया गया. इन्ही से मिली लीड के आधार पर पुलिस आगे की जांच कर रही है.
देश ने विभिन्न राज्यों के बैंकों में भेजा गया ठगी की राशि, पुलिस के लिए बढ़ी परेशानी
पुलिस के अनुसार ठगी की राशि असम, महाराष्ट्र, केरला, हरियाणा, पंजाब, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों के अनेकों बैंकों में ठगी की राशि ट्रांसफर किया गया. यह राशि कुछ ही दिनों के अंदर सैकड़ों खाते में फैल गया. जिसकी जांच चल रही है. फिलहाल 1.35 करोड़ रुपये वापस किया गया है और 70 लाख रुपये की वापसी को लेकर बैंकों से बात चल रही है.
एक ही खाते में अनेकों ठगी की राशि आने से पुलिस के होती है परेशानी
साइबर अपराधी एक ही खाते में अनेकों अपराध के पैसे ट्रांसफर करते हैं, जबतक पुलिस उसे ब्लॉक नहीं करती, वे राशि उसमें ट्रांसफर करते रहते हैं. शिकायत मिलते ही पुलिस पहले बैंकों में उस राशि को ब्लॉक करवाती है. उसके बाद राशि वापसी को लेकर अदालत से आदेश करवाकर बैंक को भेजा जाता है. यदि उस खाते में दस जगह से ठगी की राशि आयी है, उसमें से जो बचा है, बैंक सबसे उस थाना के राशि लौटाती है, जिसका अदालत का आदेश पहले आता है. राशि बचने के बाद फिर दूसरे का नम्बर आता है. डॉ. शर्मा के 70 लाख रुपये वापसी का अदालती आदेश बैंकों को चला गया है. यदि ब्लॉक किये गये बैंक खाते में पैसा बचा है, तो उन्हें मिल जाएगा. जिसका प्रयास पुलिस कर रही है.q


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