रानीगंज: आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की रानीगंज थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए करीब 30 लाख रुपयों तांबा लूट गिरोह के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है. पकड़े गए आरोपी की पहचान 42 वर्षीय महेंद्र चौधरी के रूप में हुई है, जो दुर्गापुर के डीटीपीएस थाना क्षेत्र अंतर्गत दियाल बस्ती का निवासी है.चौंकाने वाली बात यह है कि मास्टरमाइंड महेंद्र चौधरी दोनों पैरों से विकलांग है, लेकिन इसके बावजूद वह अंतरराज्यीय स्तर पर लूट की वारदातों का ताना-बाना बुनता था.
31 दिसंबर की रात दी थी बड़ी वारदात को अंजाम
घटनाक्रम के अनुसार, गत 31 दिसंबर की रात जब पूरा देश नववर्ष के जश्न में डूबा था, तब रानीगंज के मंगलपुर औद्योगिक क्षेत्र (धांदारडीही इलाका) स्थित एक बंद पड़े सीमेंट कारखाने में 8-9 सशस्त्र बदमाशों ने धावा बोला था. बदमाशों ने वहां तैनात पाँच सुरक्षा गार्डों को हथियारों के बल पर बंधक बना लिया और कारखाने के भीतर जमकर लूटपाट की. लुटेरों ने वहां मौजूद 3000 किलोवॉट के ट्रांसफॉर्मर को काटकर कीमती तांबा निकाल लिया था. इसके अलावा सीसीटीवी सर्वर, बैटरियां और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए थे.
मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी से खुला राज
रानीगंज थाना और पंजाबी मोड़ फांड़ी की पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी जांच शुरू की। मोबाइल टावर लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल डस्टर कार और एक टाटा जेस्ट मालवाहक गाड़ी की पहचान की.6 जनवरी को पुलिस ने विजय चौधरी नामक आरोपी को गिरफ्तार किया था, जिससे पूछताछ में मास्टरमाइंड महेंद्र चौधरी का नाम सामने आया.
7 दिनों की पुलिस रिमांड पर आरोपी
पुलिस को सूचना मिली कि मास्टरमाइंड महेंद्र इलाके में वापस आया है, जिसके बाद घेराबंदी कर उसे मंगलवार रात दबोच लिया गया. पुलिस के अनुसार, यह गिरोह औद्योगिक क्षेत्रों के बंद पड़े कारखानों को निशाना बनाता था। बुधवार को आरोपी को अदालत में पेश कर 7 दिनों की पुलिस रिमांड ली गई है पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी और लूटे गए तांबे की बरामदगी के लिए पूछताछ कर रही है.



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