रानीगंज-रानीगंज में इस वर्ष गणेश चतुर्थी का पर्व पूरे उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया. खासकर स्कूली छात्रों में इस उत्सव को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला, जिन्होंने अपनी परंपराओं और संस्कृति के अनुसार इस पर्व में भाग लिया. इस अवसर पर कई सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए.
धार्मिक आयोजन और भक्तिमय माहौल
रानीगंज के श्री श्याम मंदिर में तीन दिवसीय गणेश पूजा का आयोजन किया गया. यहाँ, श्री सिद्धि विनायक देव की पूजा-अर्चना मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर से आए पुजारी ममरेश कुलकर्णी और उनके दो सहयोगियों द्वारा की गई. इस दौरान, हवन के साथ 1008 मोदकों की पूर्णाहुति भी दी गई.शाम को कोलकाता से आए भजन गायक अभिषेक नामा ने अपने मधुर भजनों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया.
विद्यालयों में गणेश पूजा
रानीगंज के श्री दुर्गा विद्यालय में आयोजित गणेश पूजा में प्रधान शिक्षक प्रदीप सिंह राठौड़ ने कहा कि हिंदू शास्त्रों के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणेश पूजा से होती है. उन्होंने छात्रों को बताया कि सरस्वती पूजा के साथ-साथ गणेश पूजा का भी छात्र जीवन में विशेष महत्व है. इस विद्यालय में गणेश पूजा की एक खास परंपरा है, जिसके कारण पूर्व छात्र भी इसमें शामिल होने आते हैं. इसी तरह, ज्ञान भारती स्कूल समेत रानीगंज के लगभग सभी विद्यालयों में गणेश पूजा का आयोजन किया गया.
शिवाजी संघ की भव्य गणेश पूजा और सामाजिक पहल
कुमार बाजार में शिवाजी संघ ने विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहयोग से 13वें वर्ष भी गणेश पूजा का भव्य आयोजन किया. इस आयोजन का उद्घाटन गणेश चतुर्थी से एक दिन पहले किया गया. शुभम रावत ने बताया कि धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस साल लगभग 250 बच्चों को एजुकेशन किट प्रदान किए गए. मनोज सराफ ने इस गणेश पूजा को मुंबई के 'लालबाग के राजा' की तर्ज पर 'रानीगंज का राजा' बताया. इस मौके पर समाज में उत्कृष्ट योगदान के लिए पत्रकारों को भी सम्मानित किया गया. आसनसोल नगर निगम के पूर्व मेयर जितेंद्र तिवारी भी पूजा में शामिल हुए और आयोजन की सराहना की.
आशा कर्मियों का सम्मान
गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर आसनसोल नगर निगम के 91 नंबर वार्ड के टीएमसी पार्षद राजू सिंह ने रानीगंज की 35 आशा कर्मियों को सम्मानित किया. उन्हें साड़ी, सलवार सूट और छाता जैसी वस्तुएँ भेंट की गईं.राजू सिंह ने कहा कि आशा कर्मी पूरे साल लोगों की सेवा करती हैं और डेंगू की रोकथाम जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में उनका बड़ा योगदान होता है. यह सम्मान उनकी निःस्वार्थ सेवा के लिए एक आभार था.
इन सभी आयोजनों ने रानीगंज में गणेश चतुर्थी के अवसर पर एक उत्सव का माहौल बना दिया और यह दर्शाया कि यह पर्व सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामुदायिक सद्भाव और सामाजिक योगदान का भी प्रतीक है.


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