कोलकाता (पीबी टीवी ) मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज में स्थिति नियंत्रण में हैं और अशांति की लपटें शांत हो गई हैं, हालांकि शमशेरगंज में पूरी तरह से शांति नहीं लौटी है. पूरा इलाका हिंसा के भय से आतंकित है. शनिवार रात को भी एक युवक को गोली मार दी गई.उसे मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया है. हिंसा और अराजकता की तस्वीरें हर जगह दिखाई दे रही हैं.शमशेरगंज कब सामान्य हो पाएगा? यह सवाल आम लोगों के बीच घूम रहा है.हाईकोर्ट के आदेश पर शनिवार को शमशेरगंज में अर्धसैनिक बलोंकी तैनाती कर दी गई, लेकिन डर अभी खत्म नहीं हुआ है. शनिवार रात से ही केंद्रीय बलों ने क्षेत्र पर नियंत्रण कर लिया है. शनिवार रात को उपद्रवियों ने बीएसएफ बलों पर पथराव किया. कथित तौर पर बीएसएफ ने भी जवाबी गोलीबारी की. गोलीबारी में घायल हुए धुलियान निवासी शमशेर नकाब नामक युवक को मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है. केंद्रीय बल रविवार सुबह से ही रूट मार्च कर रहे हैं. बहुत से लोग अपने घर नहीं लौट पाए हैं. जनप्रतिनिधि उन्हें आश्वस्त करने और घर वापस भेजने के लिए सड़क पर उतर आए हैं. राज्य पुलिस के डीजीपी क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए विभिन्न इलाकों का दौरा कर रहे है .शमशेरगंज में भारतीय दंड संहिता की धारा 163 लागू कर दी गई है. पूरा इलाका सुनसान और शांत है। सभी दुकानें बंद हैं.
जंगीपुर पुलिस जिला पिछले एक सप्ताह से अशांति की स्थिति में है। तीन लोग पहले ही मर चुके हैं. पुलिस की गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई। घर में घुसकर पिता-पुत्र की हत्या की गई है. कई घरों में लूटपाट और आगजनी के आरोप लगे हैं. दुकानों को लूट लिया गया और तोड़फोड़ की गई. कई सरकारी सम्पत्तियां नष्ट कर दी गई हैं.विपक्ष के साथ-साथ सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक हुमायूं कबीर ने भी राज्य पुलिस की विफलता के आरोप लगाए हैं, हालांकि, जंगीपुर के सांसद खलीलुर रहमान ने कहा कि राज्य पुलिस के प्रयासों से क्षेत्र में शांति लौट रही है. सही समय पर सही कदम उठाने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद.
हालांकि केंद्रीय बलों की तैनाती कर दी गई है, लेकिन आम लोगों में दहशत अभी भी कम नहीं हुई है. हजारों लोग अभी भी भय के कारण अपने घरों तक ही सीमित हैं.अभी तक कोई भी निश्चित नहीं है कि स्थिति किस ओर ले जाएगी.

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