कोलकाता ( पीबी टीवी) कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के स्कूलों में विश्वकर्मा पूजा की छुट्टी रद्द कर दी गई है और ईद की छुट्टियां दो दिन के लिए बढ़ा दी गई हैं. इस मामले को लेकर सियासत गरमा गई. बीजेपी महासचिव जगन्नाथ चटर्जी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश बनाया जा रहा है. विवाद बढ़ने के बाद कोलकाता नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि हिंदी माध्यम केएमसीपी स्कूलों के लिए छुट्टियों की लिस्ट की अधिसूचना सक्षम प्राधिकारी से उचित सहमति लिए बिना जारी की गई थी.जवाब में केएमसी ने तुरंत एक सुधार करते हुए पत्र जारी किया और 25 फरवरी को जारी की गई लिस्ट को रद्द कर दिया. साथ ही साथ टाइपोग्राफिकल गलती और प्रक्रियात्मक खामियों का हवाला दिया गया. केएमसी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और इस चूक के लिए जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा रही है.छुट्टी की नई लिस्ट जारी करेगी निगम नगर निकाय ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार के आधिकारिक अवकाश कार्यक्रम और मौजूदा मानदंडों के अनुसार संशोधित और सटीक अवकाश सूची जारी की जाएगी. हालांकि, इस घटनाक्रम ने राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है, जिसमें भाजपा नेता अमित मालवीय ने छुट्टियों के आवंटन में कथित बदलावों को लेकर ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर निशाना.एक्स पर एक पोस्ट में शेयर करते हुए मालवीय ने लिखा, ‘पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के इस्लामिक राज में आपका स्वागत है. इससे पहले, मुख्यमंत्री ने एकतरफा तरीके से ओबीसी सब-कोटा के तहत आरक्षण में कटौती की और मनमाने ढंग से मुसलमानों को शामिल किया, जिससे ओबीसी को उनका हक नहीं मिल पाया. कलकत्ता उच्च न्यायालय ने इसे सही ठहराया है और अब इस मामले की सुनवाई सर्वोच्च न्यायालय में हो रही है. भाजपा संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार न्याय सुनिश्चित करेगी.’नोटिस मामले में कोलकाता नगर पालिका के शिक्षा विभाग के मुख्य प्रबंधक आरोपों का सामना कर रहे हैं। मैनेजर सिद्धार्थ शंकर धारा को तुरंत कारण बताने को कहा गया है कि ऐसा नोटिस क्यों जारी किया गया। कोलकाता नगर निगम के शिक्षा विभाग के मेयर पार्षद संदीपन साहा ने कहा कि कारण जानने के बाद इस संबंध में अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना शिक्षा विभाग के एक नोटिस के इर्द-गिर्द शुरू हुई।
कोलकाता नगर आयुक्त धबल जैन ने एक बयान में कहा कि यह नोटिस उच्च अधिकारियों से परामर्श किये बिना जारी किया गया। कोलकाता नगर पालिका को इस नोटिस के बारे में कुछ भी पता नहीं था। वह नोटिस रद्द कर दिया गया है।

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