बांकुडा- देवाधिदेव महादेव को सृजन और स्थिरता के देवता के रूप में जाना जाता है. शिव पुराण के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की रात को शिव और पार्वती का विवाह हुआ था. इस विवाह दिवस के उपलक्ष्य में बांकुड़ा शहर से सटे एकटेश्वर शिव मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर भक्तों का सैलाब उमड़ा.
बुधवार की सुबह से ही मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयकारों और भक्ति संगीत से गूंज उठा.देश और राज्य भर के अन्य शैव क्षेत्रों की तरह, जिले के सबसे पुराने मंदिरों में से एक, एकटेश्वर मंदिर में भी सुबह से ही भारी भीड़ उमड़ी. सोमवार सहित सप्ताह के प्रत्येक दिन, इन मंदिरों में तीर्थयात्रियों की भीड़ लगी रहती है, लेकिन महाशिवरात्रि के अवसर पर यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है. दूर-दूर से लोग इस आशा से यहां आते हैं कि देवाधिदेव महादेव की कृपा से दुख, कष्ट और संकट दूर हो जाएंगे.
यहां पूजा करने आए सभी लोगों ने विश्व की सुख-समृद्धि की कामना की. उन्होंने कहा कि इस समय सबसे बड़ी मांग यह है कि भगवान अंधकार को तोड़कर प्रकाश का मार्गदर्शन करें.
एकटेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्य सत्येन दत्ता ने कहा कि यह सुनिश्चित किया गया है कि शिवरात्रि पर मंदिर में पूजा करने आने वाले तीर्थयात्रियों को कोई असुविधा न हो. प्रशासनिक सहयोग से पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है. उन्होंने यह भी कहा कि देवाधिदेव महादेव के विवाह दिवस को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में एक भव्य आयोजन किया गया है.

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