पाइपलाइन बिछाने का कार्य ग्रामीणों के विरोध के कारण दो बार रुक चुका है।
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें इस परियोजना के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
ग्रामीणों की मांग है कि सबसे पहले गांव में पीने का पानी मुहैया कराया जाए और अगर यह पाइपलाइन किसी निजी फैक्ट्री के लिए है तो गांव के हर परिवार को एक व्यक्ति को रोजगार और पीने का पानी उपलब्ध कराया जाए।
कारखाने के अधिकारियों पर ग्रामीणों को धमकाने का आरोप है।
प्रशासन ने इस मामले की जांच का आश्वासन दिया है।
यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि:
यह स्थानीय लोगों के अधिकारों और विकास के मुद्दों को उठाती है।
जामुड़िया: जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के पाथरचूर गांव में पाइपलाइन बिछाने का कार्य एक बार फिर ग्रामीणों के विरोध के कारण ठप्प हो गया है.ज्ञात हो कि इस महीने की 15 तारीख को जब यह काम शुरू हुआ था तब भी ग्रामीणों ने इसका विरोध किया था.
ग्रामीणों का आरोप है कि अजय नदी से पाइपलाइन उनके गांव की सड़क से होकर किसी कारखाने तक ले जाई जा रही है. उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है.ग्रामीणों की मांग है कि सबसे पहले गांव में पीने का पानी मुहैया कराया जाए. अगर यह पाइपलाइन किसी निजी फैक्ट्री के लिए है तो गांव के हर परिवार को एक व्यक्ति को रोजगार और पीने का पानी उपलब्ध कराया जाना चाहिए
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जब वे पाइपलाइन बिछाने का विरोध करते हैं तो कारखाने के अधिकारी उन्हें धमकाते हैं और पुलिस के भय दिखाते हैं. ग्रामीणों ने मांग की है कि यह स्पष्ट किया जाए कि यह पाइपलाइन किसके लिए बिछाई जा रही है.अगर यह फैक्ट्री के लिए है तो ग्रामीणों को रोजगार दिया जाए, अन्यथा पाइपलाइन बिछाने का कार्य बंद कर दिया जाए.
खबर पाकर जामुड़िया थाना पे पुलिस तथा बीडीओ कार्यालय के अधिकार मौके पर पहुंचे. जामुड़िया बीडीओ कार्यालय के अधिकारी ने कहा कि इस मामले की जानकारी उनके उच्च अधिकारियों को दी जाएगी।


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