सोमवार को ईसीएल के सातग्राम श्रीपुर एरिया अंतर्गत निमचा कोलियरी इलाके के तिराट स्थित शिवानंद आश्रम परिसर में खान सुरक्षा महानिदेशालय के तत्वाधान में
ठेका कर्मचारियों की स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला समीक्षा शिविर के साथ साथ स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया. इस मौके पर यहां डीएमएस इरफ़ान अहमद अंसारी, डीडीएमएस बी राजा मोगोली, डीडीएमएस एम मधुसूदन यादव, सातग्राम श्रीपुर एरिया के महाप्रबंधक उपेंद्र सिंह, उप महाप्रबंधक राहुल सरकार, एरिया प्रबंधक (कार्मिक) संजय भौमिक, ईसीएल मुख्यालय सीएमएस डॉ. संगीता तिवारी, एएमओ डॉ. पासवान, निमचा कोलियरी के एजेंट डीके सिंह, जेके नगर कोलियरी के एजेंट मनोज कुमार, कालीपहाड़ी कोलियरी के एजेंट लालमणि चौधरी, निमचा कोलरी के कार्मिक प्रबंधक सुमित कुमार सहित ठेकेदार तथा बड़ी संख्या में ठेका कर्मी उपस्थित थे. इरफ़ान अहमद अंसारी तथा अन्य अधिकारियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई . ईसीएल के सक्तोड़िया एवं कल्ला अस्पताल के डॉक्टरों ने ठेका श्रमिकों के स्वास्थ्य की जांच की.ईसीएल के तकरीबन सौ ठेका मजदूरों की आंख, नाक कान गला साधारण रोग, मधुमेह, रक्तचाप सहित अन्य रोगों की जांच की गई. इस दौरान इरफान अहमद अंसारी ने ठेका कर्मियों को खदान सुरक्षा को लेकर जागरूक किया तथा कमियोों को स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतने का अनुरोध किया. इस अवसर पर इरफान अहमद अंसारी ने कहा कि आज विशेषकर ठेका कर्मियों के स्वास्थ्य को लेकर एक एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें ठेका श्रमिकों के स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई एवं श्रमिकों के स्वास्थ्य को लेकर आने वाली विभिन्न समस्याओं पर विस्तृत रूप से जानकारी दी गई. श्रमिकों की सुरक्षा पर उन्होंने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर नई तकनीक आती रहती है लेकिन पुराने खदानों में जहां मैनपॉवर ज्यादा है वहां पर नई तकनीक का इस्तेमाल करने में समस्या आती है जहां पर नए खदान है वहां नई तकनीक का इस्तेमाल होते रहती है जिससे खान श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है.
वहीं इस विषय पर उपेंद्र सिंह ने कहा कि ठेका कर्मियों के स्वास्थ्य के ऊपर आज कार्यशाला आयोजित किया गया. डीएमएसएस द्वारा नागपुर में कॉन्फ्रेंस के दौरान कुछ अच्छे बिंदुओं पर चर्चा हुई थी जिसे मीडिया के माध्यम से प्रचारित करने का सराहनीय प्रयास किया गया.आज का यहां का कार्यक्रम तिराट के ग्रामीणों द्वारा अच्छे परिवेश में करवाने की वजह से पूर्णतः सफल रहा.



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