कोलकाता - पश्चिम बंगाल में एक महिला के साथ हुए बर्बरता ने मध्ययुगीन बर्बरता की याद को ताजा कर दिया है। बंगाल में इस महिला के साथ बर्बरता के सभी इंतहा पार कर दिया गया है. बंगाल के काकद्वीप में महिला के साथ मारपीट करने के साथ उसका बाल मुंडवाया गया. सिर्फ इतना ही नहीं उसके प्राइवेट पार्ट्स में मिर्च पाउडर दाल दिया गया, यहाँ तक की उसकी नग्न तस्वीरें खिंच कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया है. पश्चिम बंगाल के काकद्वीप में एक महिला के साथ हुई बर्बरता ने मध्ययुगीन काल में होने वाली बर्बरता की याद को फिर ताजा कर दी है. बंगाल के दक्षिण 24 परगना के हारवुड प्वाइंट कोस्टल पुलिस स्टेशन के तहत बाउ बाजार इलाके में हुई है ।महिला के साथ मारपीट करने, उसको सर मुड़वाने, प्राइवेट पार्ट में मिर्च पाउडर डालने और नग्न तस्वीरें खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में पुलिस ने पांच महिला से 7 लोग गिरफ्तार किया है. पुलिस और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार कथित आरोप है कि इस विवाहित महिला का एक युवक के साथ अवैध संपर्क था. एक सप्ताह पहले उस युवक ने किसी कारणवश आत्महत्या कर ली. मृतक युवक के परिवार वालों का आरोप है कि महिला के द्वारा प्रताड़ित करने के कारण ही युवक ने आत्महत्या की है. इसी कारण 3 तारीख को शाम मृतक युवक के परिवार वालों कुछ और लोगों के साथ लेकर इस महिला के घर पर अचानक से हमला बोल दिया। उसको घर से खींचकर एक विद्युत के खंभे से बांध दिया गया और उसके साथ व्यापक मारपीट की गई. सिर्फ इतना ही नहीं, मारपीट करने के साथ उसका सर मुड़वाया गया और उसको निर्वस्त्र कर दिया गया। उसके नग्न फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर घायल कर दी गई. उसके गुप्तांग में मिर्च पाउडर और नमक डाला गया. कुछ लोगों ने आसपास के कुछ लोगों ने इस घटना का विरोध करने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने उन लोगों को भी जमकर पिटाई कर दी. रात के समय महिला ने थाने में प्राथमिक की दर्ज कराई। वर्तमान में वह काकद्वीप अस्पताल में चिकित्साधीन है. इस घटना में प्रताड़ित महिला के भाई ने बताया कि मेरे पास अचानक फोन आए कि मेरी दीदी की तबीयत ज्यादा खराब है और उसका अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सूचना मिलते हैं हम लोग तत्काल अस्पताल पहुंचे, लेकिन जो अमानवीय अत्याचार हम लोगों ने सुनी, उसको सुनकर हम लोग का शरीर ठंडा हो गया. एक महिला के साथ इस तरह का अमानवीय अत्याचार कैसे किया जा सकता है? हमारी मांग है कि जिन लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया उनको कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि अवैध संपर्क की बात पूरी तरीके से झूठ है. यदि यह बात सही भी है तो इस प्रकार के एक महिला के साथ अमानवीय अत्याचार करने का अधिकार किसने दिया है। ऐसा लगा रहा है कि 21वीं शताब्दी में नहीं, बल्कि मध्यकाल के मुगलयुगीन समाज में रह रहे हैं।

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