रानीगंज- वर्ष 1989 के 13 नवंबर को रानीगंज के महाबीर कोलियरी में हुए खान दुर्घटना में एडिशनल चीफ माइनिंग इंजीनियर जसवंत सिंह गिल द्वारा मात्र 6 घंटे में कैप्सूल द्वारा 65 श्रमिको को सकुशल बाहर लाने की घटना पर आधारित बॉलीवुड में बनाई गई फ़िल्म मिशन रानीगंज के पटकथा के लेखक विपुल के रावल रानीगंज चैम्बर ऑफ कॉमर्स के आग्रह पर रानीगंज पहुँचे,जहाँ गुरुवार को रानीगंज चेंबर ऑफ कॉमर्स के द्वारा लेखक विपुल के रावल को भब्य स्वागत किया गया.इस अवसर पर एक संवाददाता सम्मेलन भी किया,जहां मौके पर रानीगंज चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के अध्यक्ष अरुण भरतीया, सचिव मनोज केसरी ,कार्यकारी अध्यक्ष रोहित खेतान,रमेश लोयलका, अरुमय कुंडू ,राजेश गनेरीवाला,समीर झुनझुनवाला सहित चेंबर के अन्य पदाधिकारी गण उपस्थित थे .इस मौके पर अरुण भरतीया ने कहा कि यह बड़े खुशी की बात है की रानीगंज इलाके में हुई ऐतिहासिक घटना को लेकर मिशन रानीगंज नामक फिल्म बनाई जा रही है ,जिसमें बॉलीवुड के सुपर स्टार अक्षय कुमार और अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा मुख्य किरदार निभा रही है,चूंकि यह फ़िल्म इस शहर के नाम पर और यहां घटे खान दुर्घटना पर बनी है,फ़िल्म के द्वारा पूरे देश -विदेश में हमारे इस कोयला नगरी को जाना जा रहा है,इससे शहर के सभी निवासी गौरवान्वित महसूस कर रहे है,इस विषय को देखते हुए फ़िल्म के लेखक विपुल के रावल से चैम्बर ऑफ कॉमर्स ने यहां आने का आग्रह किया था,उन्होंने इस सहर्ष स्वीकार किया. उन्होंने कहा कि रानीगंज चेंबर ऑफ कॉमर्स की तरफ से इस फिल्म को देखने के लिए फर्स्ट डे फर्स्ट शो की बुकिंग करने का भरसक प्रयास की जा रही है. रानीगंज चेंबर ऑफ कॉमर्स की तरफ से इस फिल्म को सबसे पहले देखा जाएगा, जिस संजीदगी के साथ इस फिल्म की शूटिंग की गई है उससे उनका पूरा विश्वास है की फिल्म बेहद अच्छी बनी होगी.उन्होंने बताया कि वैसे तो इस फ़िल्म में यहां का 1200 लोग कार्य किया है,पर जिन लोगो ने फ़िल्म में मुख्य किरदार किया है,एवं जो उस घटना से जुड़े हुए व्यक्ति है,उन्हें रानीगंज चैंबर ऑफ कॉमर्स सम्मानित करेगी. वही इस फिल्म के लेखक विपुल कुमार रावल ने कहा कि इस फिल्म की कल्पना कर अपनी सोच के बारे में फिल्म के डायरेक्टर को बता कर फिल्म के पटकथा लिखने के लिए उनसे संपर्क किया गया, इस फिल्म के निर्माण में उन्होंने इस खान दुर्घटना के मैन हीरो जसवंत सिंह गिल जिन्होंने महावीर कोलियरी में खदान में फंसे श्रमिकों को निकालने का काम किया था उनसे 2017 से बातचीत करना आरम्भ कर उनसे यह जानने की कोशिश की की वह हादसा कैसे हुआ था और किस तरह से उन्होंने इतने सारे लोगों की जान बचाई थी. उन्होंने कहा कि इस फिल्म की शूटिंग करने से पहले इन सभी जगह को देखा गया था और लगभग 750 लोगो से भेंट कर इस विषय में अवगत हुआ. इसके बाद पूरी गंभीरता के साथ कई जगहों पर जा जाकर फिल्म की शूटिंग की गई थी,हालांकि फिल्म का अधिकांश सूटिंग विदेश में कई गई है. उन्होंने सभी रानीगंज वासियों से अपील की कि वह इस फिल्म को जरूर देखें और उनकी मेहनत को सराहें . उन्होंने रानीगंज चेंबर ऑफ कॉमर्स को धन्यवाद दिया जिन्होंने काफी अपनेपन से उनका स्वागत किया है वह काफी सराहनीय है.इस अवसर पर पत्रकार बिमल देव गुप्ता की पुस्तक "बढ़ते कदम मौत के मुंह में तीन दिन" को लेखक विपुल के रावल को भेंट किया,ज्ञात हो कि बिमल देव गुप्ता उस घटना के प्रत्यक्षदर्शी रहे हैं और उन्होंने पूरी घटना का इस पुस्तक में जिक्र किया है.



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