जामुड़िया-ईसीएल के कुनुस्टोरिया एरिया अंतर्गत नार्थ सीआरसोल ओसेपी के समीप जलाशय से पानी का उपयोग करने के दौरान गुरुवार को कुछ ग्रामीणों का ईसीएल की सुरक्षा के प्रभार केंद्रीय उद्योगिक सुरक्षा बल(सीआईएसएफ) के जवानों से विवाद हो गया, . कथित तौर पर गुरुवार दोपहर को हुई इस घटना के बाद सीआईएसएफ के कई जवान गांव में गए और गुरुवार की रात जामुड़िया के कांटागोड़िया गांव में घरों पर हमला करने, कई लोगों की पिटाई करने और घर में घुसकर उनको भद्दी-भद्दी गालियां देने का आरोप लगाते हुए कई ग्रामीणों ने दो घंटे से अधिक समय तक ओसीपी का उत्पादन बंद कर विरोध प्रदर्शन किया. ग्रामीणों की शिकायत है कि ईसीएल अधिकारियों ने कोयला खनन के लिए क्षेत्र में विस्फोट करते है, जिससे उनके घरों में दरार पड़ गए हैं,कई मकान तो क्षतिग्रस्त हुए है स्थानीय जलस्रोत भी सूख गए,परिणामस्वरूप, उन्हें ईसीएल के कब्जे वाले कुछ हिस्सों में जलाशयों से पानी का उपयोग करना पड़ रहा है. क्षेत्र का बड़ा हिस्सा कोयला खनन के लिए काटे जाने के कारण वहां कोई चारागाह भी नहीं बचा है और अधिगृहीत क्षेत्र में जाने पर मवेशियों को लाने में सुरक्षा बलों के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है. इन आरोपो को लेकर शुक्रवार को ग्रामीण कोयला खदान स्थल पर पहुंचे और क्षेत्र में ईसीएल से सीएसआर कार्य कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया. करीब तीन घंटे के प्रदर्शन के पश्चात नार्थ सीआरसोल ओसीपी के प्रदर्शन ए के कर्मकार प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे और उनकी शिकायतें सुनीं और सभी मामलों पर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, तब जाकर स्थिति सामान्य हुई,एवं ओसीपी का कार्य पुनः आरम्भ हुई.



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