जामुड़िया - बीते शनिवार को ईसीएल के सातग्राम एरिया क्षेत्र के निम डांगा प्रोजेक्ट स्थित सातग्राम इन क्लाइन अंचल स्तिथ एआईटीयूसी ( एटक) एवं सीएमएसआई ( सीटू ) कार्यलय में तोड़ फोड़ कर उसमें रखे कुर्सी जरूरी खाता पत्र लेकर अपने साथ चले गए ,ओर वहां लगे झंडे को यहा से निकाल कर फेंक दिया गया था .उसे एक दिन बाद सोमवार को खोल कर उस कार्यलय में पुनः प्रवेश किया .इससे पहले इस कोलियरी परिसर में एक पथ सभा के दौरान इस घटनाक्रम को लेकर धिक्कार दिवस पालन किया गया. इस मौके पर तापस कवि ने कहा कि जो भी इस तरह का कार्य किया है वह बहुत ही ग़लत कार्य किया है ,अगर किसी को लड़ाई करना है तो वह राजनेतिक रूप से आकर लड़ाई करे. हमलोग कोलियरी को बचाएं रखने के लिए और श्रमिको को उनका हक दिलाने के लिए हमेशा लड़ाई कर रहे है . जो भी लोग इस तरह का कार्य यह चाह रहे हैं कि इनके अंदोलन को दबाया जा सके. यह उनकी भ्रम है कुछ लोग यह भी कह रहे थे कि इसीएल के क्वार्टर में इनका कार्यालय है. शायद वह यह नहीं जानते है कि इसीएल के पुनियाटी वार्कशाप के अधीन एक क्वार्टर में उनका भी संगठन का कार्यालय है. मैं इसका दोषी इस कोलियरी के मैनेजमेंट को भी मानता हूं, इनके संपति को छती पहुंचाया जा रहा है ओर ये मूक दर्शक बने हुए है .इन लोगों ने इसे लेकर कोई भी करवाईं नहीं कि मैं इस तरह की राजनीति करने का निंदा करता हूँ. वहीं एटक युनियन नेता जयकिशन मिश्रा ने कहा कि जब हम यहां पर कार्य करते थे. उस समय से युनियन संगठन का कार्य हमेशा यहां के लोगों के भलाई के लिए कर रहे है. हमारे पास जो भी किसी कार्य के लिए आये है. हमने यह नहीं देखा कि वह कौन सा संगठन कर रहे है. हमने हमेशा उनका साथ दिया हूँ, इसकी सूचना हमने पुलिस को दिया ओर कहा कि आकर देखे कि हमने आज तक किसका नुकसान किया है .सभी को हमने भलाई किया है. आज सुबह में पुलिस पहुंचा ओर उनके सामने हमने अपने कार्यालय में प्रवेश किया. इस मौके पर गोपाल शरण ओझा, भरत पासवान, सुशील कुमार दे, देवीदास बनर्जी, गुरुदास चक्रवर्ती, मनोज सिंह, सैयद इलियास, हिमाद्रि चक्रवर्ती आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे.



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