रानीगंज- आमरासोता ग्राम पंचायत में माकपा उम्मीदवारों के जीत के पश्चात गुरुवार को माकपा के प्रधान एवं उप प्रधान शपथ ग्रहण करने के पूर्व राज्य के डीवाईएफआई के राज्य सचिव मीनाक्षी मुखर्जी की सभा
बांसड़ा कोयला श्रमिक भवन में की गई. इस मौके पर उन्होंने भाजपा और तृणमूल कांग्रेस दोनों की जमकर आलोचना की. उन्होंने कहा कि पिछले पंचायत चुनाव से पहले जिस तरह से यहां पर वामपंथी कार्यकर्ताओं पर अत्याचार हुआ उनकी हत्या की गई उनके झूठे मामलों में फसाया गया इससे सब जाहिर होता है कि तृणमूल कांग्रेस पंचायत पर कब्जा करने के लिए कितनी बेताब थी और इसकी वजह यह है कि पंचायत में जीतकर वह अपने जेबें भरना चाहते थे. उन्होंने कहा कि आज यह साबित हो गया है कि तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में पंचायत में व्यापक भ्रष्टाचार हुआ है और इसको जारी रखने के लिए ही पंचायत चुनाव के दौरान हिंसा हुई. उन्होंने कहा कि पिछले पंचायत में तृणमूल कांग्रेस द्वारा जो व्यापक भ्रष्टाचार किया गया है उस से पर्दा ना उठ जाए इसलिए इस बार पंचायत चुनाव के दौरान इतनी व्यापक हिंसा का सहारा लिया गया ताकि वामपंथी पंचायत में अपनी जड़े मजबूत ना कर सके ,क्योंकि अगर वामपंथी पंचायत जीत जाते हैं तो न सिर्फ तृणमूल कांग्रेस के लिए भ्रष्टाचार करने के दरवाजे बंद हो जाएंगे बल्कि पिछले पंचायत में उन्होंने जो भ्रष्टाचार किया है उस पर से भी पर्दा उठेगा और उन पर कार्रवाई हो सकती है. इसी डर से इस बार पंचायत चुनाव के दौरान इतने व्यापक पैमाने पर हिंसा हुई वामपंथी कार्यकर्ताओं को झूठे मामलों में फंसाया गया. मीनाक्षी मुखर्जी ने कहा कि इस पूरे गोरखधंधे में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा मिले हुए हैं और इनके मिलीभगत से ही यह सब कुछ हुआ है .उन्होंने माकपा कार्यकर्ताओं को कहा की जिस पंचायत में भी वामपंथियों को जीत मिली है वहां पर पारदर्शी और स्वच्छ तरीके से पंचायत चलाएं और तृणमूल कांग्रेस को भ्रष्टाचार करने का कोई मौका ना दें उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की आवश्यकता है.


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