रानीगंज-रानीगंज के रेलवे पार्सल आफिस रेलवे को।इसलिए बन्द करना पड़ा क्योंकि यहां के पार्सल आफिस में कार्यरत तीन कर्मियों को महीना तीन लाख रुपया देना पड़ता था,पर यहां से आमदनी होती थी महीने के 70 से 80 हजार रुपये.ऐसी स्थिति में यहां पार्सल सेवा चलाना मुमकिन नहीं है,यह बातें बुधवार की सन्ध्या आसनसोल रे रेलवे डिविजन के नवनियुक्त डीआरएम चेतनानंद सिंह,तथा सीनियर डीसीएम शांतनु चक्रवर्ती के स्वागत समारोह के दौरान शांतनु चक्रवर्ती ने कहा.उन्होंने यहां उपस्थित व्यापारियों से कहा कि रेलवे से सिर्फ मांगने से नही बल्कि उन्हें प्रदान भी करनी होगी,रेलवे अब आप व्यपारियों के यहां व्यापार करने के लिए स्वंय चल कर आ गयी है.उन्होंने रेलवे साइडिंग बनाने,वेयर हाउस बनाने जैसे कई व्यपारिक सेवा रेलवे के साथ करने के लिए आमंत्रित किया. रानीगंज चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अरुण भरतिया, सचिव मनोज केसरी , चैयरमेन प्रदीप बाजोरिया,तथा रानीगंज चेंबर ऑफ कॉमर्स के रेलवेज कमेटी के चेयरमैन हर्षवर्धन खेतान के नेतृत्व में उनको सम्मानित किया गया. इस मौके पर अपना वक्तव्य रखते हुए हर्षवर्धन खेतान ने कहा कि चेतनानंद सिंह हाल ही में आसनसोल रेलवे डिवीजन के डीआरएम के तौर पर आए हैं .प्रथा के अनुसार उनको यहां आमंत्रित किया गया, ताकि उनको सम्मानित किया जा सके. इस अवसर को सिर्फ एक सम्मान समारोह न रखकर चेतनानंद सिंह ने ही इसे मतों का आदान प्रदान करने का एक मंच बनाने का सुझाव दिया ,ताकि वह यहां के व्यापारियों की समस्याओं के बारे में जान सके और यहां के व्यापारी रेलवे उनके लिए क्या-क्या सुविधाएं लाया है इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें .उन्होंने कहा कि यह एक काफी अच्छा कार्यक्रम रहा जिसमें दोनों ही पक्षों में अपनी बातें रखें और इससे आने वाले समय में रानीगंज क्षेत्र में रेलवे के सहयोग से व्यापार को बढ़ोतरी मिलेगी. उन्होंने कहा कि रानीगंज चेंबर ऑफ कॉमर्स के तरफ से डीआरएम को ज्ञापन सौंपा गया, इसमें ऐसी कई मांगे हैं जो काफी स्वाभाविक हैं जैसे नई ट्रेन ट्रेनों के ठहराव ,रानीगंज से बांकुड़ा यात्री रेल सेवा,सहित कई मांगे उनके सामने रखी गई हैं. इनमें से ऐसे कई मांगे हैं जिन पर फैसला लेना डीआरएम दफ्तर के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता इसके लिए रेलवे बोर्ड को फैसला लेना है, लेकिन उन्होंने आश्वासन दिया कि वह रानीगंज चेंबर ऑफ कॉमर्स की इन मांगो के बारे में अपने उच्च अधिकारियों को जरूर अवगत कराएंगे .इसके साथ ही हर्षवर्धन खेतान ने आंकड़ों की बात करते हुए कहा कि रेलवे अगर सिर्फ यात्रियों के आवागमन तक ही सीमित रहा तो उसे 40% नुकसान पर रेलवे का परिचालन करना पड़ेगा माल ढुलाई अगर ना हो माल गाड़ियों का परिचालन अगर ना हो तो रेलवे हमेशा एक नुकसान में चलने वाली कंपनी बनकर रह जाएगी वही डीआरएम चेतनानंद सिंह ने कहा कि आज यहां आकर उनको काफी अच्छा लग रहा है उनको पता चला कि रानीगंज चेंबर ऑफ कॉमर्स एक बेहद प्राचीन संस्था है जो यहां के व्यापारियों के हितों के लिए हमेशा प्रयासरत रहती है इसलिए आज वह यहां पर आए और यहां के व्यापारियों से बातचीत करने का सोचा ताकि यहां की समस्याओं के बारे में जान सकें और रेलवे उन समस्याओं को दूर करने के लिए व्यापारियों के साथ साझा तरीके से क्या कर सकता है इस पर मतों का आदान प्रदान किया गया. रानीगंज वासियों के लिए एक अच्छी खबर बताते हुए डीआरएम ने कहा कि रानीगंज रेलवे स्टेशन अमृत भारत परियोजना के तहत आने वाला एक स्टेशन है और इस स्टेशन में सेवाओं को और बेहतर किया जाएगा और क्योंकि यह कार्य सीधा प्रधानमंत्री के तत्वावधान में किया जा रहा है, इसलिए इस कार्य में शिथिलता आने की कोई आशंका नहीं है. यह कार्य बड़ी तेजी से संपूर्ण किया जाएगा इसके साथ ही उन्होंने रानीगंज चेंबर ऑफ कॉमर्स तथा रानीगंज वासियों से आग्रह किया कि रेलवे की सेवाओं को और बेहतर करने के लिए उनके पास भी अगर कोई सुझाव है तो वह उनके साथ साझा करें और एक बाकायदा मंच प्रदान किया जाएगा .जिसमें इन सुझावों को दे सकते हैं ताकि एक व्यवस्थित ढंग से सेवाओं को बेहतर करने का काम किया जा सके.रानीगंज चैम्बर ऑफ कॉमर्स के इतिहास एवं क्रिया कलापो से प्रदीप बाजोरिया ने अवगत कराया.सलाहकार कन्हैया सिंह ने अपने विचार रखे.उखड़ा चैम्बर ऑफ कॉमर्स के सदस्यों ने भी डीआरएम को सम्मानित किया.इस आयोजन में चैम्बर ऑफ कॉमर्स के सदस्य विष्णु खैतान,राजेश गनेरीवाला,आरूमय कुंडू,रूबी गढ़वाला सहित अन्य सदस्य गण उपस्थित थे.


0 टिप्पणियाँ