जामुड़िया - मणिपुर में हुई हिंसा ने देश और दुनिया भर में मानवता को शर्मसार कर दिया है सभी शांतिप्रिय नागरिकों को भारत की गरिमा को बचाने के लिए सड़कों पर विरोध करना चाहिए प्रसिद्ध समाजवादी नेता डॉ. राम मनोहर लोहिया ने एक बार कहा था कि अगर सड़कें खामोश हो जाएंगी तो संसद गूंगी-बहरी हो जाएगी. उस समय कोई किसी की नहीं सुनेगा. यह बातें जामुड़िया के आवाज संस्था द्वारा किये गए प्रदर्शन के दौरान नुमान अफसर खान ने निघा में आयोजित विरोध सभा के दौरान कहा. उन्होंने कहा कि देश की स्थिति इसी दौर से गुजर रही है पूरा मणिपुर पिछले दो महीनों से जल रहा है.वहां सांप्रदायिक स्थिति बहुत खराब है. बीजेपी की गलत नीति ने दोनों समुदायों के बीच नफरत का माहौल पैदा कर दिया है. महिलाओं को सड़कों पर नंगा किया जा रहा है. मणिपुर की प्रांतीय और केंद्र सरकार ने लोगों को मरने के लिए छोड़ दिया है, तभी से गुजरात की स्थिति पैदा हुई है भारत की सांप्रदायिक पार्टियाँ जिस तरह से भारत को ले जा रही हैं, उस पर विचार करने के बाद ऐसा लगता है कि हम भारतीयों का भविष्य बहुत अंधकारमय है. भारत की गंगा जमुना की सभ्यता को नष्ट किया जा रहा है, वे चंद निजी स्वार्थों के लिए आपसी एकता को नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं.चुनाव जीतने के लिए सभी धार्मिक संप्रदायों के बीच नफरत फैलाकर सिंहासन हासिल कर रहे हैं. दो महीने से आम नागरिकों को जहर देकर मारा जा रहा है. आदिवासी महिलाओं को बेनकाब किया जा रहा है और उनके साथ सामूहिक बलात्कार किया जा रहा है. मणिपुर में मानवता शर्मसार हो रही है. इस विरोध प्रदर्शन में आवाज के जिला अध्यक्ष इफ्तिखार नायर, सचिव नूमान असफर खान, मुहम्मद सलाउद्दीन, बानी हंसदा, मरघोब राही, शेख अब्दुल कय्यूम, मुहम्मद जहांगीर, अरशद सिद्दीकी ,आसनसोल नगर निगम पार्षद नारायण बाउरी, निर्मल मुर्मू और विकास यादव ने रैली को संबोधित किया.



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