रानीगंज-बीते 11 जुलाई को रानीगंज गर्ल्स कॉलेज में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना के दौरान मतगणना केंद्र में घुसकर तृणमूल समर्थित उपद्रवियों द्वारा जानलेवा हमला करने और मारपीट करने के आरोप में माकपाइयों ने मंगलवार को रानीगंज सामुदायिक विकास पदाधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज करायी गयी और कानूनी कार्रवाई न करने का विरोध किया गया .इसके अलावा भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी रानीगंज एरिया कमेटी ने प्रदर्शन भी किया. प्रदर्शन के दौरान एरिया कमेटी सचिव सुप्रिय रॉय , संजय हेम्ब्रम, संजय प्रमाणिक समेत अन्य माकपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे. इस दिन एरिया कमेटी के सचिव सुप्रिय रॉय ने दावा किया था कि जिस तरह काउंटिंग एजेंट संजय हेम्ब्रम को पीटा गया, उसी तरह रानीगंज सामुदायिक विकास पदाधिकारी और पंजाबी मोड़ चौकी पदाधिकारी के सामने वामपंथी कार्यकर्ता को भी पीटा गया , अगर सीसीटीवी फुटेज को नष्ट नहीं किया गया होगा, तब सभी घटनाओं को देखा जा सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि रानीगंज प्रखंड के विभिन्न ग्राम पंचायतों में सीपीआईएम के कई उम्मीदवार जीत गए हैं ,लेकिन पुनर्गणना के नाम पर उन्हें हरा दिया गया है. काउंटिंग एजेंट संजय हेम्ब्रम का दावा है कि ये आजादी की लड़ाई में भाग लेने वाले समुदाय के लोग, सिधू कानू के वंशज, कानून में विश्वास रखने वाले आदिवासी समुदाय के लोग हैं. अगर कानून अपने हिसाब से नहीं चलेगा तो जरूरत पड़ने पर उन्हें तीर-धनुष उठाने में भी देर नहीं लगेगी.दूसरी और रानीगंज पंचायत समिति के अध्यक्ष विनोद नोनिया का कहना है कि उन्होंने किसी पर हमला नहीं किया. मतगणना केंद्र पर केंद्रीय बल मौजूद थे.उन्होंने कहा कि अगर 34 सालों में वाम फ्रंट अच्छा काम करती तो अभी भी सत्ता में होती, जाती की बात करके कुछ नहीं होगा,लोगों ने जिसे चाहा उसे वोट दिया है.पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में तृणमूल कार्यकर्ताओं को पीटा गया और यहां तकि उनकी मौत भी हुई.लोगों को यह स्पष्ट है कि किसने हिंसा की है, हालांकि रानीगंज बीडियो अभीक बनर्जी से इस मामले पर जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सारा काम चुनाव आयोग करता है जैसा निर्देश दिया गया था वैसे ही हुआ है.वाममोर्चा की ओर से मिली शिकायत के बारे में पुलिस को सूचित कर दिया गया है और, पुलिस द्वारा नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है.


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