रानीगंज-पंचायत चुनाव में बूथों पर कब्ज़ा रोकने के लिए सीपीएम की तरफ से कोशिश की गई. आरोप है कि जब तृणमूल आश्रित उपद्रवी बूथों पर कब्ज़ा करने आए तब उनका प्रतिरोध किए जाने पर वह बूथ छोड़कर भाग गए. घटना के संदर्भ में ज्ञात हुआ है कि आसनसोल दक्षिण विधानसभा अंतर्गत रानीगंज ब्लॉक के जेमेंरी ग्राम पंचायत के चलबलपुर फ्री प्राइमरी स्कूल में बूथों पर कब्जा करने के लिए तृणमूल आश्रित उपद्रवी आये थे, लेकिन सीपीआईएम की ओर से कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने एक प्रतिरोध बल का गठन किया और सीपीआईएम के कार्यकर्ता ने उपद्रवियों को खदेड़ा. एक माकपा समर्थक ने कहा कि, तृणमूल समर्थित बदमाश लोहे की रॉड बंदूकें लेकर आए और बूथ संख्या 237 पर वाम उम्मीदवार मधुसदन लायक एवं उज्जवल आकुरे पर हमला किया,उन्हें पीट पीट कर बुथ से निकाल दिया गया,जिससे उज्ज्वल आकुरे के सिर पर चोट लगी. जिसके बाद वामपंथी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने एक प्रतिरोध बल बनाया. बाद में टीएमसी के आश्रय प्राप्त उपद्रवियों को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा. सीपीआईएम के एक कार्यकर्ता ने दावा किया कि अगर केंद्रीय बल आते भी हैं तो बूथ पर कोई केंद्रीय बल नहीं होता, राज्य पुलिस के एक-दो कर्मी तैनात हैं. सीपीएम समर्थकों का दावा है कि सत्ताधारी पार्टी हार के डर से आतंक को अंजाम दे रही है. सीपीआईएम के नेतृत्व और कार्यकर्ताओं ने मांग की कि लोगों को शांतिपूर्ण माहौल में मतदान किया जाए अगर विकास हुआ है तो लोग सत्तारूढ़ दल के पक्ष में मतदान करेंगे .माकपा समर्थकों का कहना है कि टीएमसी नेता विनोद नोनिया के समर्थकों ने इस पूरे घटना को अंजाम दिया .वह लोग बुथ कैपचरिंग करने के लिए आए थे, और उन्होंने मतदान केंद्र के अंदर सब चीजों को उलट-पुलट कर दिया. डीसीपी सेंट्रल डॉ कुलदीप सोनवने दल बल के पहुंचे,उसके बावजूद बुथ में छप्पा वोट मारे गए.

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