रानीगंज- हुल दिवस के मौके पर आज पूरे देश के साथ साथ रानीगंज में भी विभिन्न स्थानों पर आदिवासियों द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया. रानीगंज के सियारसोल के लायका मैदान से आदिवासियों की तरफ से एक रैली निकाली गई . हरालडीही माझी ही मापजी आता की तरफ से निकली इस रैली में संस्था के जवाहरलाल बास्के, रानीसायर आठ पाड़ा के मोडल बबलू हांसदा, महाजन बासके सहित आदिवासी समाज के तमाम बुद्धिजीवी उपस्थित थे . रैली राष्ट्रीय राजमार्ग 19 होते हुए रानिसायर मोड़ तक पंहूची.यहां सभी ने सिद्धू कानू की नव निर्मित प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया. इसके उपरांत 1855 के आदिवासी विद्रोह की याद में धनुष पर तीर चढ़ाया गया . इस संबंध में संस्था से जुड़े जवाहरलाल बासके ने बताया कि 2009 से उनकी संस्था इस दिन को मनाती आ रही है .इस दिन को मनाने का उद्देश्य है कि सिधु कानु ने जो लड़ाई अंग्रेजों के खिलाफ लड़ी थी और वंचित आदिवासी वर्ग को उनके अधिकार दिलाने की कोशिश की थी वह लड़ाई अभी भी जारी है .इस दिन को मना कर उन दो महान विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है ,और आज भी आदिवासी समाज को वंचित किया जा रहा है .उसके खिलाफ सतत संघर्ष जारी रखने का प्रण लिया जाता है.


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