जामुड़िया- जामुड़िया के तपसी स्थित रेलवे साइडिंग द्वारा रानीगंज एवं जामुड़िया अंचल अंचल स्थित 14 लोह इस्पात (स्पंज कारखाना) कारखानों में लगने वाले कच्चा माल (आयरन ओर) आसनसोल तथा तपसी रेलवे साइडिंग द्वारा मंगाए जाते हैं .परंतु बीते 28 तारीख को अचानक तपसी रेलवे साइडिंग के ट्रांसपोर्टर संजय सिंह ने कारखाना के मालिकों को यह सूचित किया कि अब इस रेलवे साइडिंग द्वारा माल मंगाने वाले प्रति टन ₹100 त अर्थात ₹400000 प्रत्येक रैक कारखाना प्रबंधन को वाहन करने होंगे.ट्रांसपोर्टर के इस फरमान से कारखाने के मालिक हचकित हो उठे, एवं जब उन्होंने यह जानकारी हासिल करनी चाहिए कि आखिर यह ₹4लाख अतरिक्त क्यों देने पड़ेंगे तो उन्हें यह कहा गया की यह पूरे जिले में सिस्टम के तहत निर्णय लिया गया है अतः अब से यहां से माल मंगाने वाले को यह राशि प्रदान करनी होगी. इस विषय में जामुड़िया आयरन स्टील इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन मावण्डिया ने बताया कि बीते 28 फरवरी को अचानक सूचना दी गई की रेलवे रैक द्वारा माल मंगाने पर प्रत्येक टन 100 के हिसाब से अतिरिक्त राशि उन्हें देनी होगी. पहले जहां 230 से ₹240 टन ट्रांसपोर्टर आयरन ओर उतारने से लेकर कारखाना तक माल पहुंचाने के लिए लगते थे अब उस जगह में ₹340 देने होंगे . ज्ञात हो कि एक रेलवे रैक के 59 बोगी में 3800 से 4000 टन आयरन ओर मंगाए जाते हैं ,एवं यहां से रानीगंज एवं जामुड़िया अंचल के विभिन्न कारखानों में विभिन्न स्पंज कारखानों मे पहुंचाए जाते हैं. पवन मावण्डिया ने कहा कि कारखाना प्रबंधन को अतिरिक्त ₹4लाख देना संभव नहीं है. फिलहाल रेलवे साइडिंग में रानीगंज का मंगलपुर इंडस्ट्रियल क्षेत्र के धनबाद फ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड के दो रैक बीते 2 दिन से लगे हुए हैं जिनमें से एक रैक को तो अनलोडिंग कर लिया गया है जबकि एक रैक में फिलहाल आयरन ओर का अनलोडिंग नहीं हो पाया है, एवं इस विषय में धनबाद फ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड के तपसी साइडिंग में तैनात कर्मचारी अजय भगत ने बताया की समय सीमा पार हो जाने से कंपनी को प्रति घंटा के हिसाब से रेलवे को डेमरेज चार्ज एवं वारफेज चार्ज वहन करने होंगे, जिससे कंपनी को लाखों रुपए का नुकसान होगा . इस संबंध में आसनसोल रेल मंडल के सीनियर डिविजनल कमर्शियल प्रबंधक सुशांतो चक्रवर्ती ने कहा की उन्हें इसकी जानकारी मिली है , परंतु यह मामला ट्रांसपोर्टर एवं कारखाना प्रबंधन के बीच का है अगर जल्दी ही समस्या का समाधान नहीं हुई तो रेलवे विभाग यहां गुड शेड बंद करने पर विवश होगी. वहीं इस विषय में ट्रांसपोर्टर संजय सिंह ने बताया की यह सरासर गलत है की सिस्टम के तहत ₹4लाख अतिरिक्त राशि कारखाना प्रबंधन से मांगा जा रहा है. सच तो यह है की डीजल एवं श्रमिक को की मजदूरी बढ़ने के कारण ही यह ₹100 प्रत्येक टन राशि अतिरिक्त बढ़ाई गई है. दूसरी और इस विषय में धनबाद फ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड के मॉलिक श्याम सूंदर अग्रवाल ने कहा कि आज तक पश्चिम बंगाल में इस तरह से कभी भी कारखाना प्रबन्धन की अतिरिक्त राशि नहीं देनी पड़ी,दबाब बनाये जाने पर अंचल के एक नहीं बल्कि सभी कारखाने बन्द करने पर मॉलिक को विवश होना पड़ेगा.वहीं इस संबंध में जामुड़िया के विधायक हरेराम सिंह से पूछे जाने पर उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार किया .

0 टिप्पणियाँ